पीएम मोदी की फैन 15 साल की छात्रा ने की खुदकुशी, 19 पेज के सुसाइड नोट में लिखी ये बड़ी वजह

संभल। 'मेरा प्रधानमंत्री आपको नमन है। मैं आत्महत्या अपनी इच्छा से कर रही हूं। इसका कोई भी जिम्मेदार नहीं है, न कोई घर वाला न कोई बाहर वाला।' ये शब्द उत्तर प्रदेश के संभल में रहने वाली 15 साल छात्रा आंचल गोरस्वामी के हैं, जो उसने 19 पेज के सुसाइड नोट की आखिरी लाइनों में लिखे थे। आंचल की मौत के दो दिन बाद ये सुसाइड नोट उसकी कॉपी से मिला। आंचल अब इस ​दुनिया में नहीं है, लेकिन सुसाइड नोट में लिखी उसकी इच्छाओं को परिजन प्रधानमंत्री मोदी तक हर हाल में पहुंचाने की बात कह रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले खुद को मारी गोली

स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले खुद को मारी गोली

संभल के बबराला में 11वीं क्लास में पढ़ने वाली 15 साल की छात्रा आंचल गोस्वामी ने सुसाइड कर लिया था। 14 अगस्त की रात आंचल ने खुद को गोली मार ली थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया था। दो दिन बाद उसकी कॉपी में एक सुसाइड नोट मिला। आंचल ने मरने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 19 पेज का सुसाइड नोट लिखा था। इसमें आंचल ने घर परिवार नहीं, देश और समाज के हालात पर चिंता जाहिर की।

'मुझे यह दुनिया पसंद नहीं है'

'मुझे यह दुनिया पसंद नहीं है'

सुसाइड नोट में लिखा, 'मेरा नाम आंचल गोस्वामी है, मुझे यह दुनिया पसंद नहीं है, क्योंकि यहां पर लोग झगड़े करते हैं। मां-बाप को वृद्ध आश्रम भेज देते हैं उनके साथ गाली-गलौज मारपीट करते हैं। लोग पेड़-पौधे अपने हितों के लिए काटते हैं। वह जानवरों पर अत्याचार करते हैं। जो लोग मांसाहार का सेवन करते हैं ऐसे लोग मुझे बुरे लगते हैं। नफरत है ऐसे लोगों से जो अपने राष्ट्रगान पर खड़े होने से कतराते हैं। देश विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। ऐसे लोगों को देश से निकाल देना जरूरी है।'

आंचल ने पीएम मोदी की तारीफ की, लिखी ये बातें

आंचल ने पीएम मोदी की तारीफ की, लिखी ये बातें

आंचल ने सुसाइड नोट में पीएम मोदी की तारीफ करते हुए लिखा, देश में कई पीएम हुए पर माननीय प्रधानमंत्री जी आप जैसा कोई नहीं। मेरे हृदय में आपके लिए अत्यधिक सम्मान है, काश मैं अपनी उम्र आपको दे पाती। आपमें संस्कार कूट-कूटकर निवास करते हैं। यह देश वर्षों से अंधेरे में था और आप पहले सूर्य बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री जी मैं आपसे पर्सनल मीटिंग करना चाहती थी, परंतु यह असंभव है, क्योंकि आप खुद को ही समय नहीं दे पाते हो। निरंतर देश की सेवा में लगे रहते हो। इसके अलावा आंचल ने प्लास्टिक से प्रदूषण, नदियों के किनारे वृक्षों का रोपण करवाने की बात कही। आंचल ने वाटर हार्वेस्टिंग पर भी जोर देने की बात लिखी।

मरीजों का उत्पीड़न करने वाले डॉक्टरों पर हो कार्रवाई

मरीजों का उत्पीड़न करने वाले डॉक्टरों पर हो कार्रवाई

आंचल ने देश की जनसंख्या पर चिंता जाहिर करते हुए पीएम मोदी से कहा कि दो से अधिक बच्चे होने पर सख्त से सख्त कानून बनाएं और ऐसे लोगों को जेल भेजने के साथ ही रुपया भी वसूला जाए। आंचल ने लिखा, प्रधानमंत्री जी कई बार डॉक्टर दवाओं पर अधिक पैसे लेते हैं। ऐसे डाक्टरों पर कार्रवाई होनी चाहिए। आम आदमी या मरीज का उत्पीड़न होता है। इस विषय में सहायता के लिए आप हॉस्पिटल में एक पोस्टर लगवाएं। किसी का उत्पीड़न हो या ज्यादा पैसा वसूला जाए तो शिकायत कर सकें।

'नर्क कर दी है मेरी जिंदगी'

'नर्क कर दी है मेरी जिंदगी'

सुसाइड नोट की आखिरी लाइनों में आंचल ने लिखा, मेरा प्रधानमंत्री आपको नमन है। मैं आत्महत्या अपनी इच्छा से कर रही हूं। इसका कोई भी जिम्मेदार नहीं है, न कोई घर वाला न कोई बाहर वाला। आंचल ने मां से माफी मांगते हुए कहा, 'मम्मी पता नहीं मुझे क्या हो गया है। ऐसा लगता है कि कोई मुझे जीते हुए नहीं देखना चाहता। मैं मजबूर हूं, मेरे दिमाग ने क्या बना दिया, नर्क कर दी है मेरी जिंदगी। हां यह शरीर सिर्फ कपड़ा है जो कमजोर था...अलविदा।'

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