MP: सागर 1 अप्रैल से गो विचरण मुक्त होगा, डेयरी संचालकों को अलटीमेटम
सागर स्मार्ट शहर बनने से पहले गो विचरण क्षेत्र बनने जा रहा है। डेयरी विस्थापन के लिए जिला प्रशासन ने संचालकों को डेयरियां शिफ्ट करने के लिए अल्टीमेटम थमा दिया है।

मध्य प्रदेश का सागर शहर आगामी 1 अप्रैल से गो विचरण मुक्त क्षेत्र बन जाएगा। इसके पहले सागर की सभी डेयरियों को
शहर के बाहर हफसिली इलाके में डेयरी विस्थापन स्थल पर शिफ्ट किया जा रहा है। कलेक्टर दीपक आर्य ने इसके लिए सभी डेयरी संचालकों को अल्टीमेटम जारी कर निर्देश दिए हैं कि 31 मार्च तक सभी अपनी डेयरियां हफसिली में डेयरी विस्थापन स्थल पर शिफ्ट कर लें। 1 अप्रैल से प्रशासन सख्त कार्रवाई करने जा रहा है।
कलेक्टर सागर ने आदेश जारी कर कहा है कि 31 मार्च तक समस्त डेरी संचालक अपने.अपने गोवंश को लेकर डेयरी विस्थापन स्थल पर पहुंचकर संचालन करना प्रारंभ करें अन्यथा 1 अप्रैल से डेयरी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर दीपक आर्य ने नगर निगम सागर की परिषद की बैठक के प्रस्ताव पर आदेश जारी करते हुए समस्त डेयरी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे 31 मार्च तक अपने गोवंश को डेरी विस्थापन स्थल पर ले जाएं। सागर में डेयरी विस्थापन हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही थी, इसी परिप्रेक्ष्य में रतोना में डेयरी विस्थापन के लिए समस्त आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी हैं और डेयरी संचालकों को उनकी मांग अनुसार प्लाट भी आवंटित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब 1 अप्रैल से सागर नगर निगम क्षेत्र गोवंश मुक्त होगा और यदि 1 अप्रैल से किसी कोई भी गोवंश क्षेत्र में पाया जाता है तो संबंधित डेयरी संचालक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

विस्थापन स्थल पर सारी व्यवस्थाएं पूरी, 1 अप्रैल से धारा 144 के तहत कार्रवाई
कलेक्टर दीपक आर्य ने बताया कि महापौर संगीता तिवारी, अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, नगर निगम कमिश्नर चंद्रशेखर शुक्ला के द्वारा समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जो भी समस्याएं उन्हें बताई गई थी, उनको भी पूर्ण किया गया है। उन्होंने बताया कि यदि कोई भी डेयरी संचालक 31 मार्च तक डेयरी विस्थापन स्थल पर विस्थापित नहीं होता है तो संबंधित के खिलाफ 144 धारा के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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बुंदेलखंड डेयरी संघ दूध कलेक्टर सेंटर तैयार कर रहा है
उन्होंने बताया कि अभी भी जिन डेयरी संचालकों ने प्लाट आवंटन नहीं कराया है, वे तत्काल नगर निगम कार्यालय में जाकर प्लाट आवंटन कराएं और विस्थापित स्थल पर अपने गोवंश को ले जाएं। उन्होंने बताया कि डेयरी संचालकों की सुविधा के लिए बुंदेलखंड डेयरी संघ के द्वारा दूध कलेक्शन सेंटर भी तैयार किया गया है, जो प्रतिदिन उनका दूध कलेक्ट करेगा । इसी प्रकार गोवंश के लिए आहार की व्यवस्था भी की गई है।












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