The Burning Tree: आधी रात को जल उठा 2 एकड़ में फैला विशाल 'वटवृक्ष'
सागर जिले के पड़रई जैसीनगर में किसान ऋषिराज ठाकुर के दो एकड़ खेत में फैला, 200 साल पुराना ऐतिहासिक वटवृक्ष है। बीती रात पवित्र वटवृक्ष से अचानक लपटें निकलने लगीं। जब तक जानकारी लगी, वृक्ष The Burning Tree बन चुका था।

मध्य प्रदेश के सागर में जैसीनगर ब्लॉक के पड़रई गांव में किसान ऋषिराज के खेत में संभवत: मप्र का सबसे बड़ा 'वटवृक्ष' मौजूद है। यह वृक्ष पूरे दो एकड़ से भी अधिक खेत में फैला हुआ है। करीब 200 साल पुराने इस वृक्ष को 4 पीढ़ियों ने सहेजा है। बीती रात करीब दो बजे अचानक वटवृक्ष से तेज लपटें उठने लगीं और यह पेड़ धूं-धूं कर जलने लगा।

ऋषिराज व उनके परिवार को रात में वृक्ष जलने की जानकारी लगी तो पूरा परिवार और गांव के लोग खेत पर पहुंचे और आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी फैल चुकी थी कि कुएं की मोटरों से भी पानी नाकाफी हो गया। रात में जैसीनगर और सागर की फायर लारियों को बुलाया गया। सुबह करीब 10 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन पेड़ की कई शाखाएं दोपहर तक हल्की-हल्की सुलगती रहीं। पवित्र वटवृक्ष में आग कैसे लगी, इसको लेकर कारण अब भी अज्ञात है।
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प्रकृति प्रेमी पूर्वजों ने लगाया था वटवृक्ष
किसान ऋषिराज के खेत में दो एकड़ में फैला विशालकाय वटवृक्ष 200 साल से भी पुराना बताया जाता है। इसके ऋषिराज के पूर्वजों ने खेत में लगाया था, जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी संरक्षित किया गया और धीरे-धीरे इसकी जड़ें खेत में फैलती चली गईं। आसपास के इलाके से लोग इसका पूजन करने आते हैं। इसमें देवताओं का वास बताया जाता है।












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