रिश्वतखोरों को पकड़वाने जेब से दिए रुपए अब जल्द वापस मिलेंगे, फैसले के इंतजार में नहीं अटकेंगे
भ्रष्टाचारियों को पकड़वाने, लोकायुक्त में ट्रैप कराने के लिए शिकायतकर्ता द्वारा जेब से दी गई रिश्वत की रकम अब जल्द वापस मिल सकेगी। आवेदन को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट में आवेदन देना होगा। मप्र में यह व्यवस्था सागर से ही लागू की गई है। 4 मामलों में कोर्ट से फैसला आने से पहले ही रिश्वत में दी गई रकम वापस भी कराई गई है।

रिश्वतखोरों और भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसने और भ्रष्ट अफसर व कर्मचारियों को रंगे हाथ पकड़वाने वालों को कोर्ट ने राहत दी है। उनके द्वारा दी गई रिश्वत की रकम कोर्ट से जल्द वापस मिल सकेगी। फिलहाल तक इस रकम को वापस लेने के लिए कोर्ट के फैसले का इंतजार करना होता था। मध्य प्रदेश के सागर से लोकायुक्त विशेष कोर्ट ने यह व्यवस्था दी है कि आवेदक कोर्ट में रकम वापसी के लिए आवेदन लगाएगा। इसके बाद कोर्ट उसकी रकम उसे वापस दिला देगी, भले ही कोर्ट से फैसला आने और रिश्वतखोर को सजा दिए जाने में कितना ही लंबा समय लगे। दरअसल, रिश्वत के रूप में आवेदक द्वारा दी गई रकम मालखाने में जमा हो जाती है। जब तक केस चलता रकम वापस नहीं मिलती। कई बार लोअर कोर्ट से हाईकोर्ट तक मामले पहुंचे तो लोगों को अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने में सालों तक इंतजार करना पड़ा।
4 आवेदकों के 55 हजार रुपए वापस किए गए
मध्य प्रदेश में सागर संभागीय मुख्यालय स्थित विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के कोर्ट ने यह नई व्यवस्था शुरू हुई है। बीते जुलाई में 4 मामलों में आवेदकों को कोर्ट ने 55 हजार की राशि लौटाई है। 4 और केस में जल्द राशि वापस मिलेगी।
कोर्ट में केस समाप्त होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा
लोकायुक्त एसपी योगेश्वर शर्मा ने स्थानीय मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बताया कि आवेदक को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के कोर्ट में राशि वापसी के लिए आवेदन देना होगा। ऐसे 4 और मामलों में राशि वापस होने जा रही है। फिलहाल सागर से ही यह व्यवस्था शुरू हुई है। इससे आवेदकों को अब कोर्ट से केस समाप्त होने का इंतजार नहीं करना पड़ता।












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