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Sagar News: बेमौसम बारिश से जलसंकट समाप्त, राजघाट डैम हुआ पानी से लबालब

Sagar का राजघाट बांध में बेमौसम बारिश के कारण अच्छा—खासा पानी आ गया है। बांध में पानी आने के कारण सागर में वाटर क्राइसिस इस साल के समाप्त हो गई है। बीते साल के मुकाबले बांध में करीब एक मीटर ज्यादा पानी मौजूद है।

MP: गर्मी में बेमौसम बारिश से राजघाट लबालब, जलसंकट टला

सागर में इस बार जलसंकट की स्थिति नहीं रहेगी, क्योंकि राजघाट बांध में इस साल भरपूर पानी है। अगर कोई तकनीकि खराबी नहीं आई तो राजघाट में एक दिन छोड़कर दूसरे दिन पानी पूरे शहर को मिलता रहेगा। उधर जून तक मानसून सक्रिय होने की संभावना है, जिसके बाद राजघाट फिर लबालब हो जाएगा। राजघाट में मई के महीने में पानी डेड स्टोरेज की ओर जाने लगता है। लेकिन इस बार रूक-रूककर हो रही बारिश की वजह से राजघाट का जलस्तर भी बढ़ गया है। बांध का जलस्तर पिछले तीन साल के मुकाबले इस वर्ष सबसे ज्यादा है।

राजघाट बांध में पिछले तीन सालों के मुकाबले इस बार काफी पानी है। राजघाट बांध का कुल जलस्तर 515 मीटर है। जबकि मई महीने में अभी 512.53 मीटर जल स्तर बना हुआ है। यानी इस साल सागर को किसी प्रकार की पेयजल की परेशानी नहीं होगी। अब कुछ साल के रिकॉर्ड पर नजर डाली जाए तो अप्रैल से मई के बीच राजघाट का जलस्तर काफी कम हो जाता है। 2016 में मई के महीने में जल स्तर 508.72 मीटर तक पहुंच गया था, इंटकबेल के स्टेनर की जगह पंप के माध्यम से पानी की सप्लाई करनी पड़ रही थी। उस समय जलस्तर डेड स्टोरेज 507.50 तक पहुंच गया था।

राजघाट में जलस्तर बढ़ने के तीन कारण
1- बेमौसम बारिश: इस साल जनवरी से लेकर मई के बीच बारिश असर दिखाया है। इस दौरान राजघाट बांध के कैचमेंट इलाके जैसीनगर व सुल्तानगंज के इलाके में अच्छी बारिश हुई, जिससे राजघाट में बारिश का पानी जमा होता रहा है।

2- सेना को पाइप से पानी दिया गया: राजघाट बांध का पानी नगर निगम व सेना के बीच के अनुबंध के अनुसार अप्रैल-मई महीने में नहर के माध्यम से पानी छोड़ा जाता है। यह पानी सूखी नदी में जगह-जगह जमा होता था और चितौरा तक आधे से भी कम मात्रा में पानी पहुंचता था। इस दफा पाइप कैनाल से पानी दिया गया। दूसरी ओर बारियश के कारण डेम के आगे सूखी नदी में भी भरपूर पानी है।

3- परकुल परियोजना: सुरखी विधानसभा में बनाई गई परकुल परियोजना की टेस्टिंग के दौरान कुछ समय पहले राजघाट बांध की ओर पानी छोड़ा गया था। जिससे बांध का जलस्तर बढ़ गया है। आने वाले समय में भी अगर शहर में जलसंकट गहराता है तो इसकी भरपाई परकुल परियोजना के पानी से की जा सकती है।

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    राजघाट बांध परियोजना पर एक नजर
    515 मीटर बांध की अधिकतम भराव क्षमता
    509 मीटर बांध का डेड लेवल
    507.5 मीटर तक दोनों पंप चल सकते हैं
    6 करोड़ लीटर पानी रोजाना शहर को सप्लाई
    2 सेंटीमीटर ठंड में 3-4 सेंटीमीटर गर्मी में जलस्तर घटता है
    62.67 मीटर क्यूबिक लीटर पानी स्टोरेज की क्षमता

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