Nauradehi: बाघों के घर को आग से बचाने अब कैंप लगाकर रहेंगे कर्मचारी, पानी के टैंकर तैनात होंगे
नौरादेही में वन्य प्राणियों को जंगल की आगजनी से सुरक्षित करने और आग पर तत्काल काबू पाने के लिए नौरादेही के जंगलों में कर्मचारी कैंप लगाएंगे। यहां हर साल आगजनी से काफी क्षति होती है।

Madhya Pradesh में नौरादेही अभयारण्य को टाइगर प्रोजेक्ट के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां वर्तमान में 12 बाघ सहित वन्य प्राणियों की बड़ी संख्या मौजूद है। दूसरी तरफ हर साल जंगल में आग लगने जैसी घटनाएं सामने आती हैं। ऐसी घटनाओं से वन और वन्य प्राणियों को बचाने के लिए प्रबंधन जंगल में कैंप लगाएगा व पानी से भरे टैंकर गर्मी के पूरे सीजन भर तैनात रहेंगें।

अभी गर्मी का मौसम शुरू भी नहीं हुआ है। बावजूद इसके जंगलों में आगजनी की घटनाएं देखने में आने लगी हैं। आगामी दिनों में जैसे-जैसे पारा चढ़ेगा, जंगल में घास, पत्ते सूखना शुरू हो जाएंगे। पतछड़ में जंगल के अंदर सूखे पत्तों की परत बिछ जाती है। इनमें जरा सी चिंगारी से ही जंगल में आग भड़क जाती है। सागर जिले के वन्य प्राणी अभयारण्य में भी हर साल इसी तरह की आग की घटनाएं सामने आती हैं। आग भड़कती है तो काबू करना मुश्किल हो जाता है। वन्य प्राणियों के इस घर को आग से बचाने के लिए कैंप लगाए जाएंगे।
नौरादेही प्रबंधन से मिली जानकारी अनुसार जंगल में आग की घटनाएं आम होती जा रही हैं। कुछ लोगों की जरा सी लापरवाही के कारण वन संपदा और वन्य प्राणियों की जान खतरे में पड़ जाती है। जंगल को आग से बचाने के लिए अब जंगल के अंदर कैंप लगाए जाएंगे। आग से निपटने के लिए पानी के टेंकर भी कैंप में मौजूद रहेंगे। जब कभी आग की घटना सामने आती है तो तत्काल उसको प्रायमरी स्टेज पर ही बुझाने का प्रयास किया जाएगा।
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वन संपदा और वन्य जीवाें की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। बता दें कि नौरादेही अभयारण्य में बीते साल गर्मी के दौरान 20 से जगह आग लगाने की घटनाएं आई थीं। आग लगने की सबसे ज्यादा घटनाएं लोगों द्वारा जलती बीड़ी फैंकने के कारण होती हैं।












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