'पितृ छाया वाटिका' में सदियों तक 'वृक्ष' बनकर जिंदा रहेंगी अपनों की यादें
इंदौर के 'पितृ पर्वत' की तर्ज पर सागर में 'पितृ छाया वाटिका' का निर्माण किया जा रहा है। यहां लोग घूमने-फिरने, पिकनिक मनाने तो आ ही सकते हैं, जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, जयंती-पुण्यतिथि भी मना सकते हैं। सबसे अहम बात यहां परिवार के अपने दिवंगतों की यादों को वृक्षों के रुप में सदियों तक जीवित रख सकेंगे।

सागर में भी इंदौर की तर्ज पर पितृछाया पार्क 10 एकड़ भूमि पर बनाने की तैयारियां प्रारंभ की गई है कलेक्टर दीपक आर्य ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन के निर्देश अनुसार एवं नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह की मंशा अनुसार यह पार्क स्थापित किया जा रहा है जिसमें जिले वासियों को अपने जन्मदिन वैवाहिक वर्षगांठ एवं अपने पूर्वजों की याद में यहां पौधारोपण किया जा सकेगा एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित कर सकेंगे ।उन्होंने बताया कि नए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से पथरिया जाट बाईपास रोड पर 10 एकड़ बंजर भूमि आवंटित की गई है, जिस पर नगर निगम एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इस पितृ छाया पार्क को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है।
समाजसेवी संस्था सीताराम रसोई के माध्यम से बन रही वाटिका
नगर निगम सागर और समाजसेवी संस्था सीताराम रसोई के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। सागर महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी ने बताया इसी स्थान को हराभरा करने का काम पौधरोपण के माध्यम से किया जाएगा। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह के निर्देश पर पितृ छाया का निर्माण किया जा रहा है। उन्हीं के निर्देश पर जमीन भी पौधरोपण के लिए कलेक्टर द्वारा आवंटित कर दी गई है।
पौधा संरक्षित होकर पेड़ बने इसके लिए पांच साल तक देखरेख
समाजसेवी इंजीनियर प्रकाश चौबे ने बताया कि ये बहुत ही अच्छी पहल है। जमीन आवंटित होने के बाद हमें जो जिम्मेदारी दी गई, उसके अनुसार यहां फेंसिंग, जमीन की लेवलिंग सहित अन्य काम लगातार जारी हैं। 10 एकड़ जमीन में 800 से 1000 पौधे रोपे जाएंगे। इसके लिए हम जल्दी ही पंजीयन शुरू करेंगे। लोग अपने जन्मदिन, वैवाहिक वर्षंगांठ, पूर्वजों की जयंती-पुण्यतिथि की स्मृति में पौधरोपण कर सकते हैं। इसके लिए प्रति पौधा 2100 रुपए लिए जाएंगे। इसमें गड्ढा खोदने से लेकर पौधे को ट्री-गार्ड से संरक्षित करने, लगाने वाले के नाम की पट्टिका विवरण सहित, पौधा, खाद आदि का प्रबंध किया जाएगा। साल भर उसकी देखरेख भी शामिल रहेगी। इसके अलावा यह प्लान भी है कि लोग अगले पांच साल तक 1100-1100 रुपए भी सहयोग राशि के रूप में दें ताकि पौधे के संरक्षण का पूरा काम हो और वह पेड़ बने।
पिकनिक स्पॉट बनेगा, नक्षत्र वाटिका भी होगी तैयार
इंजीनियर प्रकाश चौबे के मुताबिक हम इस स्थान को इस तरह से तैयार कर रहे हैं कि लोग यहां मॉर्निंग वॉक के लिए भी आ सकें। चूंकि न्यू आरटीओ से यह स्थान बिल्कुल पास है। शहर के नजदीक है। ऐसे में लोग यहां आसानी से आ-जा सकेंगे। इसके साथ ही यहां कुछ शेड भी बनाए जाएंगे ताकि लोग यहां जन्मदिन-वर्षगांठ आदि मनाना चाहें तो उन्हें पिकनिक स्पॉट की तरह सुविधाएं यहां मिल सकें। इसके साथ ही एक नक्षत्र वाटिका भी तैयार करेंगे। ताकि लोगों को आध्यात्मिक-धार्मिक के लिए भी यह उपयोगी स्थान साबित हो सके।
हर पौधे के बॉटनिकल नाम सहित पूरा ब्यौरा रहेगा, ताकि सामान्य ज्ञान भी बढ़े
यहां पर जो पौधे लगाए जाएंगे, उनसे जुड़ी जानकारी भी यहां पर लगाई जाएगी। जैसे कि अशोक वृक्ष का वैज्ञानिक नाम-साराका इंडिका है। यह फैबेसी परिवार के उप परिवार डेटारियोइडी से संबंधित एक पौधा है। ऐसा इसलिए ताकि यहां जब लोग आएं तो खूबसूरत स्थान से जुड़ी यादों के साथ ही कुछ नॉलेज लेकर भी जाएं। ऐसे में यह स्थान वनस्पति और पर्यावरण से जुड़ाव रखने वालों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इसके साथ ही यहां पर बच्चों, बुजुर्ग और परिवार के हिसाब से सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।












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