'नौरादेही' टाइगर रिजर्व के नामकरण पर राजनीति हावी, नाम बदलने पर तुला वन विभाग
मप्र में जल्द ही सांतवा और सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व नौरादेही बनने जा रहा है, लेकिन टाइगर के कारण इसकी अपनी 47 साल पुरानी पहचान 'नौरादेही' नाम को ही खत्म करने की राजनीतिक बाजी चली जा चुकी है। सागर, नरसिंहपुर और दमोह जिले तक फैले इस अभयारण का नाम देवरी के पास स्थित नौरादेही गांव के नाम पर किया गया था। वर्तमान में यहीं पर 15 बाघों का पूरा कुनबा मौजूद है। सूत्र बताते हैं कि सागर के नेताओं ने टाइगर रिजर्व के लिए कोई प्रयास नहीं किए, जबकि दमोह से राजनेताओं सागर के राजनेताओं पर भारी पड़ गए। इस कारण महज 27 किलोमीटर के एरिया को नौरादेही के 1197 वर्ग किलोमीटर में शामिल कराकर इसका नाम नौरादेही से वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व किया जा रहा है।

नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने सूची में शामिल किया
नौरादेही वन मंडल कार्यालय सूत्रों के अनुसार नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) ने मप्र में नौरादेही वन्य प्राणी अभयारण्य को नया टाइगर रिजर्व बनाए जाने व नए नाम वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नाम से सूची में दर्ज किया है। सरकार जल्द ही इसका नोटिफिकेशन जारी कर सकती है।
टाइगर रिजर्व का एरिया बढ़ाकर दोगुना किया जाएगा
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार बुंदेलखंड के नए टाइगर रिजर्व के लिए नौरादेही के वर्तमान में 1197 वर्ग किलोमीटर एरिया को बढ़ाकर 2339 वर्ग किलोमीटर तक किया जाएगा। प्रस्ताव में करीब 1414 वर्ग किलोमीटर का कोर एरिया होगा, जबकि 925.12 वर्ग किलोमीटर का बफर एरिया होगा। जिन गांवों का विस्थापन किया जा चुका है, वह जमीन भी इसमें शामिल की गई है। बता दें कि टाइगर रिजर्व में जिस नौरादेही के नाम पर 1975 में भेड़ियों के लिए अभयारण्य और वन्य प्राणी अभयारण्य घोषित किया गया था, वहीं नौरादेही गांव टाइगर रिजर्व का भी केंद्र बिंदू और कोर एरिया होगा, बावजूद इसके नौरादेही के नाम का वजूद खत्म होने जा रहा है।
Recommended Video
सागर या नौरादेही का नाम टाइगर रिजर्व से जुड़ा रहे
नौरादेही को टाइगर रिजर्व घोषित किया जा रहा है, यह क्षेत्र के लिए उपलब्धि है। रानी दुर्गावती के नाम पर हमें आपत्ति नहीं है, लेकिन 47 साल पुराने नौरादेही या सागर की पहचान को बरकरार रखने के लिए इसे जोड़ा जाना चाहिए। चूंकी नौरादेही गांव का नाम है। मेरे विधानसभा क्षेत्र में अभयारण्य का काफी बड़ा हिस्सा शामिल है। नाम को लेकर मैं मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहा हूं।
- हर्ष यादव, विधायक देवरी, जिला सागर












Click it and Unblock the Notifications