'नौरादेही' टाइगर रिजर्व को लेकर मंत्री भार्गव ने केंद्र को लिखा पत्र, बोले चीते भी जल्द लाएं

Madhya Pradesh में नौरादेही अभयारण्य (Nauradehi Sanctuary)को नया टाइगर रिजर्व घोषित किया जा रहा है, लेकिन प्रदेश के सबसे बड़े अभयारण्य का नाम बदल कर रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व किया जा रहा है। चूंकी नौरादेही प्रदेश के PWD मिनिस्टर गोपाल भार्गव की विधानसभा क्षेत्र में आता है, इस कारण उन्होंने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री को बड़े ही सधे शब्दों में पत्र लिखकर नौरादेही नाम बरकरार रखने और यहां चीता पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के तहत चीते बसाने और फंड की व्यवस्था करने की डिमांड भी रखी है।

नौरादेही में चीते लाने, मंत्री भार्गव ने केंद्र को लिखा पत्र

दरअसल सागर जिले के नौरादेही और दमोह जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती अभयारण्यों को मिलाकर नया टाइगर रिजर्व घोषित किया जा रहा है। इसमें नौरादेही का नाम खत्म हो जाएगा, केवल रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व होगा। इसको लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी सामने आने लगा है। इधर सरकार की तरफ से प्रदेश के पीडब्ल्युडी मंत्री गोपाल भार्गव ने पहले करते हुए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि मप्र को टाइगर स्टेट का दर्जा दिलाने में नौरादेही का अहम योगदान रहा है। वहीं नौरादेही और दुर्गावती अभयारण्य को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और वन मंत्री का आभार भी जताया है। उन्होंने लिखा है कि नौरादेही में दक्षिण अफ्रीकी चीतों को बसाने के लिए चयन किया गया था अत: इसके लिए जल्द निर्देश जारी कर चीतों को यहां पुनर्स्थापित किया जाए व वित्त पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए।

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    मंत्री भार्गव ने केंद्र को क्या लिखा, पढ़िए
    मेरी विधान सभा क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए नौरादेही अभ्यारण्य तथा वीरांगना दुर्गावती अभ्यारण्य को संयुक्त रूप से टाइगर रिजर्व का दर्जा देने हेतु भी हम आपके आभारी हैं। मध्यप्रदेश वन्यप्राणी संरक्षण में पूरे देश में अग्रणी रहा है। नौरादेही अभ्यारण्य जैसे संरक्षित क्षेत्रों को विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। एमपी को टाइगर स्टेट के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश को टाइगर स्टेट बनाने में नौरादेही अभयारण्य की भी भूमिका रही है।

    भार्गव ने आगे लिखा है कि अवगत होना चाहेंगे कि प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही चीता पुनर्स्थापना परियोजना के द्वितीय चरण में प्रदेश में ही नौरादेही अभयारण्य का भी चयन किया गया था। मैं अनुरोध करना चाहूंगा कि नौरादेही अभयारण्य में चीता की पुनर्स्थापना के लिए शीघ्र निर्देश जारी करें तथा आवश्यक वित्त पोषण भी सुनिश्चित करने का कष्ट करें। भार्गव ने लिखा है कि आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि नौरादेही अभयारण्य में चीता सुरक्षित रहेंगे तथा इनके संरक्षण एवं संवर्धन के भरसक प्रयास करेंगे।

    नौरादेही के नाम को बरकरार रखने का प्रयास
    दरअसल मंत्री गोपाल भार्गव के केंद्रीय वन मंत्री को लिखे गए इस पत्र के पीछे का उद्देश्य यह भी है कि नए टाइगर रिजर्व की घोषणा में नौरादेही नाम का वजूद कायम रहे। कारण वन विभाग ने नौरादेही को टाइगर रिजर्व बनाने के लिए जो प्रस्ताव भेजा था, उसमें केवल वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर अभयारण्य नाम प्रपोज किय गया है। प्रस्ताव को यदि जस का तस मानकर घोषणा होगी तो नौरादेही का नाम खत्म हो जाएगा।

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