Sagar: नौरादेही में फील्ड तैयारियों के बाद आएंगे अफ्रीकन चीते, केंद्रीय वनमंत्री ने पत्र लिखकर दी जानकारी
सागर के नौरादेही में जल्द ही दक्षिण अफ्रीकन चीतों को लाया जा सकता है। चीता प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में नौरादेही को चीतों का घर बनाया जाएगा। हालांकि इसके पहले अभयारण्य में आवश्यक फील्ड तैयारियां पूरी कराई जाएंगी। यह जानकारी केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मप्र के पीडब्ल्युडी मंत्री गोपाल भार्गव को पत्र लिखकर दी है।

मध्य प्रदेश में कूनो के अलावा सागर का नौरादेही भी दक्षिण अफ्रीकी चीतों के पुनर्वास के लिए सबसे उपयुक्त स्थान हैं। पूर्व में एनटीसीए, भारतीय वन्य जीव संस्थान इसके लिए सर्वे करा चुके हैं। सर्वे के बाद नौरादेही में चीतों को बसाने की योजना पर काम चल रहा है। आवश्यक फील्ड तैयारियां होने के बाद चीतों को नौरादेही लाया जाएगा।

इस संबंध में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मप्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव को एक पत्र भेजकर सूचित किया है। बता दें कि मंत्री भार्गव के विधानसभा क्षेत्र रहली के अंतर्गत नौरादेही का इलाका आता है। यहां चीतों को लाने के लिए उन्होंने एक पत्र 23 जून 2023 को केंद्र को भेजा था।
केंद्रीय मंत्री ने पत्र में यह जानकारी दी है
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने पत्र में उल्लेख किया है कि भविष्य में चीता एक्शन प्लान के तहत चीता का प्रमोचन भविष्य में नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य में किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव को गोपाल भार्गव ने पत्र लिखकर मध्यप्रदेश में रहली क्षेत्र के नौरादेही अभयारण्य और वीरांगना दुर्गावती अभयारण्य को संयुक्त रूप से टाइगर रिजर्व क्षेत्र का दर्जा दिए जाने पर भारत सरकार का आभार व्यक्त किया था। साथ ही नौरादेही अभयारण्य को चीता पुनर्स्थापना के लिए चयनित किए जाने की बात रखी थी। इस पर केंद्रीय एजेंसियों ने नौरादेही अभयारण्य का अध्ययन कर सहमति दी है।












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