Bundelkhand: भाजपा की मंदिर-मोदी पॉलिटिक्स से मध्य प्रदेश में कांग्रेस चारों खाने चित्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मध्य प्रदेश के सागर में संत रविदास स्मारक (मंदिर) का भूमिपूजन कराकर भाजपा ने केवल बुंदेलखंड के वोटबैंक पर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में एससी-एसटी, पिछड़ा वर्ग वोटों को साधने के लिए मास्टर स्ट्रोक कहा जा सकता है। भाजपा इस मंदिर और मोदी पॉलिटिक्स से मतदाताओं के मन में छवि बनाने सफल रही है।

मध्य प्रदेश की सरकार स्वयं व केंद्र सरकार की योजनाओं के दम पर चुनावी रण में उतरेगी, बावजूद इसके एंटी इंकम्बेंसी से निपटने के लिए मोदी मैजिक चलाया जाएगा। बुंदेलखंड की धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा और 100 करोड़ की लागत से संत रविदास स्मारक का भूमिपूजन कराकर चुनाव से पहले सभी वर्गों को साधने का प्रयास किया है। इसका असर भी पहले दिन से ही नजर आने लगा है। आम पब्लिक में पीएम नरेंद्र मोदी की सभा के बाद भाजपा के पक्ष में माहौल नजर भी आने लगा है। इसका सीधा फायदा भाजपा को चुनाव में मिलेगा।

बुंदेलखंड की 26 सीटों सहित प्रदेश की 54 सीटों पर बदलेगा गणित
संत रविदास मंदिर और स्मारक सागर में बनाने और प्रधानमंत्री मोदी की सभा सागर में कराने के पीछे भाजपा और शिवराज सिंह चौहान ने चुनावी रणनीति के तहत निर्णय लिया गया था। दरअसल बुंदेलखंड में कुल 26 विधानसभा सीटें आती हैं। इसमें संभागीय मुख्यालय से लेकर सभी छह जिलों में एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग की सीटों को जीतने और समाजों को मैसेज देने का प्रयास है। इसके अलावा मध्य प्रदेश की एससी बाहुल व प्रभाव वाली 54 सीटों के मतदाताओं को साधने का काम पार्टी ने किया है।
मोदी भाषणों में दे गए जीत का आश्वासन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सागर के ढाना में सभा के दौरान करीब 27 मिनट का भाषण दिया था। इसमें उन्होंने कहा कि ईश्वर कृपा और संत रविदासजी के आशीर्वाद से जिस मंदिर के भूमिपूजन का उन्हें सौभाग्य मिला है, एक से डेढ़ साल में वह बन जाएगा और मैं फिर से सागर आकर उसका लोकार्पण करूंगा। इसके पीछे पीएम का सीधा संदेश है की प्रदेश में भाजपा की सरकार आ रही है और वे खुद 2024 का चुनाव जीतकर वापस आएंगे।
कांग्रेस को मल्लिकार्जुन खरगे का प्रोग्राम 10 दिन आगे बढ़ाना पड़ा है
बुंदेलखंड में मल्लिकार्जुन खरगे की आमसभा पहले 13 अगस्त को तय हो गई थी। इसी बीच भाजपा ने संत रविदास मंदिर का भूमिपूजन 12 अगस्त और मोदी की सभा 14 अगस्त को तय कर दी। बाद में भाजपा ने एनवक्त पर कार्यक्रम में बदलाव कर मोदी की सभा भी 12 अगस्त को ही तय करा ली। इसके बाद कांग्रेस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की आमसभा व अन्य कार्यक्रम को 13 से निरस्त कर 22 अगस्त की तारीख में फिक्स कर दिया है।












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