Sagar News: सागर लोकायुक्त की बड़ी कार्यवाही: पटवारी 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया
Sagar News: सागर लोकायुक्त ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एक पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मंगलवार, 8 नवंबर 2024 को जिले के दमोह स्थित ग्राम पंचायत कार्यालय इमलाई में की गई।
लोकायुक्त टीम ने एक ट्रैप ऑपरेशन के तहत आरोपी पटवारी तखत सिंह गौड को पकड़ा, जो प्लॉट सीमांकन के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।

आवेदक की शिकायत और कार्रवाई की शुरुआत
इस पूरी कार्यवाही की शुरुआत तब हुई जब शुभम चौधरी, निवासी ग्राम इमलाई, तहसील दमयंती नगर, जिला दमोह ने लोकायुक्त से शिकायत की कि उनके पिता के नाम से संबंधित एक प्लॉट का सीमांकन करने के लिए पटवारी तखत सिंह गौड ने उनसे 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी है। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।
ट्रैप ऑपरेशन की पूरी रणनीति
शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप ऑपरेशन का आयोजन किया। निरीक्षक रोशनी जैन के नेतृत्व में एक विशेष दल का गठन किया गया, जिसमें निरीक्षक रंजीत सिंह और अन्य लोकायुक्त स्टाफ सदस्य शामिल थे। पूरे ऑपरेशन को पूरी गोपनीयता में रखा गया और ट्रैप को सफल बनाने के लिए सभी जरूरी उपाय किए गए।
रिश्वत लेने के दौरान गिरफ्तार
जैसे ही रिश्वत की राशि 15,000 रुपये का लेन-देन तय हुआ, लोकायुक्त की टीम ने गांव पंचायत कार्यालय इमलाई में जाल बिछा दिया। तखत सिंह गौड ने प्लॉट के सीमांकन के बदले रिश्वत के रूप में 15,000 रुपये लिए और उसी समय लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त दल के सदस्यों ने गवाहों की उपस्थिति में आरोपित पटवारी को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
आरोपी पटवारी की गिरफ्तारी और उसकी संलिप्तता
आरोपी तखत सिंह गौड, जो ग्राम इमलाई के हल्का नंबर 16 का पटवारी था, पर यह आरोप है कि उसने आवेदनकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी, ताकि वह उनके पिता के नाम के प्लॉट का सीमांकन कर सके। लोकायुक्त के द्वारा की गई यह कार्यवाही इस बात का सबूत है कि सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग करने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
रिश्वत की राशि और दस्तावेजी साक्ष्य
गिरफ्तारी के बाद, लोकायुक्त टीम ने आरोपी के पास से 15,000 रुपये की रिश्वत की राशि बरामद की, जो उसने गुपचुप तरीके से स्वीकार की थी। इसके साथ ही, ट्रैप के दौरान वीडियो और दस्तावेजी साक्ष्य भी संकलित किए गए, जिससे आरोप को साबित करने में मदद मिलेगी। अब इस मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी।
लोकायुक्त की बढ़ती प्रभावी कार्यवाही
लोकायुक्त विभाग की यह कार्यवाही सरकारी कर्मचारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी चेतावनी है। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ समय से लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जो नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता फैलाने में मदद कर रही है। यह गिरफ्तारियां इस बात का संकेत हैं कि लोकायुक्त विभाग भ्रष्टाचार को किसी भी हाल में सहन नहीं करेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगा।
आगे की कार्रवाई
लोकायुक्त की टीम अब आरोपी पटवारी के खिलाफ पूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। मामले में आरोपों के सत्यापन और जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी। साथ ही, लोकायुक्त विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी सरकारी कर्मचारी से रिश्वत की मांग होते देखें तो वे इसकी शिकायत तुरंत लोकायुक्त से करें, ताकि इस तरह के भ्रष्टाचार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।












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