मऊगंज में पुलिस ने युवक की चोटी उखाड़ी, जनेऊ तोड़ा, थाने में बर्बरता की शिकायत पर समाज के लोग पहुंचे एसपी ऑफिस
Rewa news: मऊगंज के थाना क्षेत्र में एक युवक की थाने में बेरहमी से पिटाई और चोटी उखाड़ने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक, नरेंद्र मिश्रा का आरोप है कि पुलिस ने उसे थाने ले जाकर पट्टे से पीटा, उसकी चोटी उखाड़ी और जनेऊ तोड़ दिया।
इस घटना से नाराज ग्रामीणों और ब्राह्मण समाज के लोगों ने सोमवार को एसपी ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

रविवार को शाहपुर के पहाड़ी गांव में एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। हादसे के बाद नाराज परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। पुलिस ने इस मामले में लगभग 40 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी, जिनमें नरेंद्र मिश्रा भी शामिल था।
नरेंद्र मिश्रा का आरोप
पीड़ित नरेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे थाने ले जाकर बेरहमी से पिटाई की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उसे पट्टे से पीटा, उसकी चोटी उखाड़ी और जनेऊ तोड़ दिया। मिश्रा के अनुसार, इस कृत्य से न केवल उसकी शारीरिक स्थिति प्रभावित हुई बल्कि उसे मानसिक चोट भी पहुंची है।
ग्रामीणों और ब्राह्मण समाज की प्रतिक्रिया
इस घटना के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों और ब्राह्मण समाज के लोगों ने एसपी ऑफिस पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर बर्बरता का आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की जाती तो 14 अक्टूबर से वे आमरण अनशन पर बैठेंगे।
पुलिस का बयान
पुलिस प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच की बात की है। एसपी ऑफिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि जांच के परिणाम के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और सुनिश्चित किया जाएगा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पीड़ित युवक ने मीडिया को बताया कि शराब भरकर जा रही एक बोलेरो गाड़ी ने चार लोगों को टक्कर मार दी थी। इसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं तीन लोग घायल हो गए थे। युवक के परिजनों ने शव रखकर जाम लगा दिया। मैं भी वहां पहुंचा। रात 11 बजे पुलिसवाले मुझे उठाकर थाने ले गए। वहां मुझे मारा पीटा, मेरी चोटी उखाड़ दी। पुलिसकर्मी विवेकानंद यादव और विनीत पांडे ने पीटा। वहां एक डायल 100 का ड्राइवर और दो अन्य लोग सोनू खान और हारूल भी मौजूद थे।
इसके बाद पुलिस वालों ने मुझे मेडिकल के लिए भेज दिया। मेडिकल तो नहीं हुआ। लौटते में बीच रास्ते में एक नदी के पास गाड़ी रोक दी। पुलिसवालों ने किसी राहुल दादा का नाम लेते हुए कहा कि इसे गोली मार दो।












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