दिवंगत कांग्रेस नेता श्रीनिवास तिवारी को लेकर BJP सांसद और विधायक में मतभेद, सिद्धार्थ तिवारी ने जताई नाराजगी

Rewa news: रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा के हालिया बयान पर पार्टी के ही विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। सांसद मिश्रा ने रविवार को सुभाष चौराहे पर एक ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने रीवा में कांग्रेस के दिवंगत कद्दावर नेता श्रीनिवास तिवारी की आलोचना की।

इस बयान के बाद कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी थी और अब भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने इस मुद्दे को और उछालते हुए इसे निंदनीय और आपत्तिजनक बताया है। दरअसल, सिद्धार्थ तिवारी श्रीनिवास तिवारी के पोते है। इसलिए अपने दादा के खिलाफ हुई टिप्पणी से नाराज है।

Difference between BJP MP and MLA Siddharth regarding late Congress leader Srinivas Tiwari in Rewa

सांसद जनार्दन मिश्रा का बयान

सांसद जनार्दन मिश्रा ने अपने बयान में कहा था, "अगर आज शहर की सड़क में एक गड्ढा होता है तो अखबार की सुर्खियां बन जाती हैं। लेकिन, कभी यहां की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हुआ करते थे। तब यहां के नेता श्रीनिवास तिवारी हुआ करते थे। वे यहां सर्वे-सर्वा माने जाते थे। जबकि, वे अपने जीवन में एक गड्ढा तक नहीं भरवा पाए। फिर भी उन्हें दइयू (भगवान) कहा जाता था। उनके लिए एक विशेष नारा भी दिया जाता था।"

इस बयान पर मंगलवार को कांग्रेस ने भी आपत्ति जताई थी, और अब सिद्धार्थ तिवारी ने सांसद मिश्रा की टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

सिद्धार्थ तिवारी की प्रतिक्रिया

सिद्धार्थ तिवारी, जो कि श्रीनिवास तिवारी के पोते हैं, ने इस टिप्पणी को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा, "किसी भी व्यक्ति के दिवंगत हो जाने के बाद उन पर अभद्र टिप्पणी को सही नहीं ठहराया जा सकता। सांसद जनार्दन मिश्रा का बयान बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने उनका वक्तव्य सुना, और यह बेहद निंदनीय है।"

विधायक ने आगे कहा कि अगर सांसद को उनसे या उनके परिवार से कोई नाराजगी थी, तो उन्हें सीधे मुझसे बात करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके दादा ने अपने राजनीतिक जीवन के 75 साल जनता की सेवा में बिताए, और उनकी उपलब्धियों की गवाही रीवा के लोग दे सकते हैं।

कांग्रेस का रुख

कांग्रेस ने भी सांसद मिश्रा के बयान को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी, लेकिन अब भाजपा के भीतर ही यह विवाद और भी गहरा हो गया है। पार्टी के भीतर इस विवाद को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है, और यह देखा जाएगा कि इस मुद्दे पर कैसे प्रतिक्रिया दी जाती है।

सिद्धार्थ तिवारी की भाजपा में एंट्री

सिद्धार्थ तिवारी ने 18 अक्टूबर 2023 को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके पार्टी में शामिल होने को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा हो रही थी, और अब उनके दादा के प्रति सांसद मिश्रा की टिप्पणी ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है।

इस विवाद के परिणामस्वरूप भाजपा को अपने भीतर की समस्याओं को हल करने और पार्टी के सदस्यों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने की आवश्यकता होगी। साथ ही, यह भी देखना होगा कि इस मुद्दे पर सांसद जनार्दन मिश्रा की प्रतिक्रिया क्या होती है और क्या वह अपने बयान पर कोई स्पष्टीकरण या माफी जारी करेंगे।

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