रांची हिंसा के आरोपियों की तस्वीर को पुलिस ने होर्डिंग पर लगाया, प्रदेश सरकार ने SSP से मांगा जवाब
रांची, 16 जून। झारखंड पुलिस ने जिस तरह से हिंसा के आरोपियों के पोस्टर सार्वजनिक जगह पर लगाए हैं, उसे खिलाफ झारखंड सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है और रांची के एसएसपी से इस बारे में जवाब मांगा है। दरअसल हाल ही में रांची में अलग-अलग जगहों पर हिंसा हुई थी, यह हिंसा पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के मोहम्मद साहब पर दिए गए विवादित बयान के बाद हुई थी। जिसके बाद आरोपियों के पोस्टर को सार्वजनिक जगह पर लगाया गया है। इस घटना के बाद प्रदेश के गृह सचिव राजीव अरुण इक्का ने बुधवार की शाम को सीनियर सुप्रिटेंडेंट ऑफ पुलिस से इस गैरकानूनी कार्रवाई पर जवाब मांगा है।

गृह सचिव राजीव इक्का ने अपने पत्र में यह कार्रवाई कानून के तहत नहीं है और इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश के खिलाफ है। बता दें कि मंगलवार को झारखंड पुलिस ने उन लोगों की तस्वीरों का पोस्टर सार्वजनिक किया था, जो 10 जून को कैमरे के सामने पत्थर फेंकते नजर आए थे या फिर हिंसा में शामिल थे। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने डीजीपी नीरज सिन्हा, रांची के एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा, डीसीपी छवि रंजन और अ्य अधिकारियों से सवाल पूछा था। राज्यपाल ने सवाल पूछा था कि आखिर क्यों प्रशासन ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए क्या किया जब प्रदर्शन के दौरान हिंसा हो रही थी। राज्यपाल के इस सवाल के बाद ही दंगाइयों की तस्वीर को रिलीज किया गया था।
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राज्यपाल ने पुलिस से कहाथा कि वह प्रदर्शनकारियों की पहचान करें और उनकी तस्वीरों को रांची में होर्डिंग पर लगाया जाए, ताकि लोग इनलोगों को पहचान कर सके और पुलिस को इनके बारे में जानकारी दे सके। वहीं इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई और मामले की एनआईए से जांच की मांग की गई। बता देंकि रांची में हुई हिंसा में 2 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 लोग घायल हो गए थे, जिसमे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। बता दें कि भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर जैन के विवादित बयान के बाद 10 जून को रांची में हिंसक प्रदर्शन हुआ था।












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