'महिलाओं को गलत तरीके से छूआ', झारखंड में DSP दोषी करार, निलंबित करने की भी अनुशंसा
रांची। झारखंड में डीएसपी सिप्रियन बागे को महिला आरक्षियों से छेड़छाड़ मामले में दोषी करार दे दिया गया। जांच के बाद आईजी ट्रेनिंग ने राज्य के गृह सचिव को बागे को निलंबित करने और कार्रवाई की अनुशंसा की है। बागे पर आरोप थे कि, उन्होंने महिला आरक्षियों के गाल गलत तरीके से छुए थे। वह बुरी नजर से उन्हें देखते भी थे। आरक्षियों ने विरोध किया तो बोलते थे- आदत डाल लो।

खबर अब यह है कि, बागे पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा दोषी करार दे दिए गए हैं। दरअसल, महिलाओं की शिकायत मिलने पर आईजी ने आंतरिक महिला शिकायत निवारण समिति (जांच समिति) का गठन किया था। समिति ने एक दर्जन महिला आरक्षियों एवं अन्य के बयान लिए थे। उसी आधार पर बागे को दोषी मानते हुए विभाग से कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। कार्य स्थल पर महिला के साथ अश्लील हरकत का मामला आईपीसी की धारा-354 के तहत आती है। इसमें 3 साल से लेकर 5 साल की कैद या जुर्माना का प्रावधान है। बता दें कि, बागे सीटीसी स्वासपुर मुसाबनी में तैनात रहे हैं।

बागे से जब दोषी करार दिए जाने पर सवाल किया गया तो वह बोले- मुझे कुछ नहीं कहना है। मुझ पर क्या आराेप लगाए गए हैं इसकी भी जानकारी नहीं है। जांच कमेटी ने उनसे जाे जानकारी मांगी थी, वह मैंने दे दी है। वहीं, एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि, ट्रेनी महिला आरक्षियों के साथ छेड़छाड़ के आरोप में सीटीसी स्वासपुर मुसाबनी में स्थापित डीएसपी सिप्रियन बागे को दोषी करार दिया गया है। उन पर महिला आरक्षियों का गलत तरीके से गाल छूने का आरोप था।












Click it and Unblock the Notifications