Rampur Snake News: रात होते ही घरों में निकल रहे हैं सांप के बच्चे, मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल
Rampur Snake News: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के शाहबाद क्षेत्र स्थित मोहल्ला नई बस्ती में बीते चार दिनों से लगातार सांप के बच्चे निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मोहल्ले के निवासी चरन सिंह के घर के बाहर से अब तक सैकड़ों की संख्या में सांप के बच्चे देखे जा चुके हैं।
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग भय के साए में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जैसे ही रात होती है, ये छोटे सांप रेंगते हुए घरों में घुसने लगते हैं। लोग दरवाजों और खिड़कियों को बंद करके अपने बच्चों को अंदर रख रहे हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रामपुर से सांप पकड़ने वाले विशेषज्ञ को भी बुलाया गया, लेकिन अभी तक समस्या पर काबू नहीं पाया जा सका है। कुछ लोग इन सांपों को 'मछेन' प्रजाति का बताकर पानी में रहने वाला बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे सामान्य ज़मीन पर रेंगने वाले सांपों के बच्चे बता रहे हैं।
वहीं इस बारे में वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि इन बच्चों को पकड़कर पास की नदी में छोड़ा गया है। इनके डसने से ज़हर तो नहीं फैलता, लेकिन यह काट बहुत पीड़ादायक हो सकती है और समय पर इलाज न मिले तो गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
लोधीपुर गांव में तेंदुए की दस्तक, सुरक्षा में जुटा वन विभाग
उधर, रामपुर के ही लोधीपुर राजपूत गांव में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शुक्रवार को तेंदुआ दिनभर गांव की गलियों और खेतों में घूमता रहा। एक दिन पहले तेंदुआ एक किसान के घर में घुस गया था, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। भय इतना है कि लोग भीषण गर्मी के बावजूद कमरे बंद करके रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची, लेकिन तेंदुए को पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी। अधिकारी मौके पर निरीक्षण कर ग्रामीणों से खेतों में अकेले न जाने और बच्चों को बाहर न खेलने देने की सलाह दे रहे हैं। विभाग ने साफ किया है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, सभी को सतर्क रहना होगा।
सांप और तेंदुए से दहशत में गांव, जनजीवन अस्त-व्यस्त
दो अलग-अलग घटनाओं ने जिले के दो गांवों में खौफ का माहौल बना दिया है। जहां एक ओर शाहबाद में लोग सांप के बच्चों से परेशान हैं, वहीं लोधीपुर में तेंदुए की दहशत ने जनजीवन को थाम दिया है। ग्रामीण अब जंगल और जानवरों से अपनी सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
वन विभाग और एनिमल फाउंडेशन दोनों ही अपनी ओर से राहत कार्यों में जुटे हुए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि डर अब भी बना हुआ है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। खेतों में काम करने वाले किसान भी अब खेतों में जाने से कतराने लगे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्थायी समाधान खोजा जाए। वन विभाग की टीम को गांव में तैनात करने और सांपों की बस्ती को जड़ से खत्म करने जैसे कदम उठाए जाने चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications