लखीमपुर खीरी के गवाह पर हमले को पुलिस ने बताया सड़क हादसा, जयंत चौधरी ने लगाए गंभीर आरोप
रामपुर, 12 अप्रैल: रामपुर में लखीमपुर खीरी केस के मुख्य गवाह हरदीप सिंह पर जानलेवा हमले में नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, हमले के दावे को नकारते हुए पुलिस ने घटना को सड़क हादसा बताया है। वहीं, रालोद नेता जयंत चौधरी ने ट्वीट करके कहा, 'इसीलिए योगी जी टेनी के बेटे की बेल चाहते थे।' इस मामले में भाजपा नेता समेत 2 नामजद और तीन अज्ञात लोगों पर आरोप लगाया गया है। आरोपी BJP नेता मेहर सिंह इसे झूठा आरोप बता रहे हैं।

लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य गवाह हैं हरदीप सिंह
हरदीप सिंह लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य गवाह हैं। हरदीप के मुताबिक, सोमवार देर शाम वह गुरुद्वारे में मत्था टेककर वापस घर की तरफ जा रहे थे। आरोप है कि नवाबगंज रोड पर किंग विला होटल के पास अहरौला गांव निवासी भाजपा नेता मेहर सिंह देयोल, महेश गार्डन निवासी सर्वजीत सिंह घुम्मन और तीन अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया। उनके साथ गालीगलौज और मारपीट की गई।
गवाही देने पर सीधे सिर में गोली मार देने की धमकी देने का आरोप
हरदीप सिंह का आरोप है कि भाजपा नेता मेहर सिंह देयोल ने उनके मुंह पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल मारी, जिससे वह घायल हो गया। उन्हें लखीमपुर खीरी कांड में गवाही देने पर सीधे सिर में गोली मार देने की धमकी दी। बता दें, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा से जुड़े लखीमपुर कांड में रामपुर के चार मुख्य गवाह हैं। इनके नाम सपा नेता तेजिंदर सिंह विर्क, हरदीप सिंह, गुरजीत सिंह कोटिया और हरपाल सिंह हैं। इससे पहले लखीमपुर कांड के गवाह दिलजोत पर हमला हो चुका है। मामले के मुख्य गवाह दिलजोत पर तिकुनियां कोतवाली क्षेत्र के कड़िया डांगा चौराहे पर हमला किया गया था। हमले में दिलजोत सिंह के सिर में गंभीर चोट आई थी।












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