गुजरात के इस गांव में श्मशान में हो रही है रामकथा, गांव वालों ने कहा-इससे पवित्र जगह और कोई नहीं

Rajkot news, राजकोट। गुजरात में हर रोज कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। सामान्य तौर पर ऐसे आयोजन कोई मंदिर या कोई पवित्र जगहों पर किया जाता हे। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि गुजरात के एक गांव में श्मशान घट पर रामकथा हो रही है। दरअसल हलवद के टीकर गांव में श्मशान में रामकथा का अनोखा आयोजन किया गया है। इस रामकथा को सुनने के लिए न सिर्फ गांव के लोग मगर आसपास के गांव से भी लोग बड़ी संख्या में उमड़ रहे हैं। रामकथा के आयोजकों का मानना है कि दुनिया में श्मशान ही सबसे ज्यादा पवित्र जगह है। क्योंकि यहां से मनुष्य जीव का शिव के साथ मिलन होता है।

ramkatha is organised by the villagers on graveyard place in gujarat

गुजरात के मोरबी जिले का शायद यह पहला गांव है जहां ग्रामवासियों ने मिलकर श्मशान भूमि में रामकथा का आयोजन किया है। किसी भी प्रकार के लाइटिंग और डेकोरेशन के बिना चल रही इस रामकथा की सादगी लोगों को अपनी ओर खींच रही है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार अपने किसी मनुष्य की मृत्यु होने पर भी महिलाएं श्मशान में नहीं आती हैं। लेकिन यहां पर दोपहर के दो बजते ही न सिर्फ गांव बल्कि आसपास के कई गांवों की महिलाएं इस श्मशान में हो रही रामकथा सुनने आ रही हैं।

ramkatha is organised by the villagers on graveyard place in gujarat

टीकर गांव के बाबाजी भरत बापु अपनी शैली में यहां रामकथा का ज्ञान बांट रहे हैं। गांववासियों की भी यही इच्छा है कि इस रामकथा से मिलने वाली रकम से गौमाता और गरीब लोगों का कल्याण हो। नौ दिन की होने वाली इस रामकथा के लिए वो एक बाबा एक रुपया भी नहीं लेने वाले है। इतना ही नहीं, यहां पर भक्तों द्वारा मिलने वाली अनाज सहित कई सामग्री भी जरूरतमंद लोगों को देने का फैसला भी उन्होंने लिया है।

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