गुजरात: कोरोना-मरीजों के इलाज के लिए रेल के डिब्बों में बन रहे आइसोलेशन वार्ड, ये होंगी सुविधाएं

राजकोट. कोरोना वायरस (कोविड-19) के खतरे से निपटने की तैयारी के मद्देनजर रेलवे ने पीड़ितों के इलाज के लिए ट्रेन के कोचों को आइसोलेशन वार्ड में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल ने 20 साल से अधिक पुराने नॉन-एसी कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। इन कोचों को कोरोना से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

Isolation wards in 20 railway-coach

रेलवे से जुड़े अधिकारी ने बताया कि, राजकोट मंडल में ट्रेनों के 20 नॉन एसी डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदलने का कार्य ओखा, हापा और राजकोट के कोचिंग डिपो में यांत्रिक विभाग ने शुरू किया है। इसके लिए मिडल बर्थ को निकालकर कोच के हर कंपार्ट्मेंट को अस्पताल के प्राइवेट रूम की तरह बनाया जाएगा। डॉक्टर्स के दिशा-निर्देशानुसार कोच में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। इसमें चिकित्सा के उपकरण लगाए जाएंगे। कोच के एक टॉइलेट को बाथरूम के रूप में भी परिवर्तित किया जाएगा।

उस बाथरूम के अंदर बाल्टी, मग और पटिये रखे जाएंगे। खिड़कियों में मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी लगायी जाएगी और संक्रमण रोकने के लिए प्लास्टिक के पर्दे लगेंगे। प्रत्येक कोच में 6 से 7 मरीज़ों का इलाज हो सकेगा। राजकोट मंडल में कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदलने के कार्य प्रगति पर है तथा रेल कर्मियों द्वारा इस कार्य को शीघ्र ही पूरा करने के भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं।

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