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पाटीदार नेता दिलीप साबवा बोले- जो 14 युवा मरे, हार्दिक ने उन शहीदों पर पांव रख राजनीति में एंट्री ली

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Gujarat News In Hindi, राजकोट। पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के नेता हार्दिक पटेल के सहयोगी रहे दिलीप साबवा ने हार्दिक के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। दिलीप साबवा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हार्दिक, कांग्रेस के उम्मीदवार ललित कगथरा और ललित वसोया पर गंभीर आरोप लगाए। दिलीप ने कहा कि इन तीनों ने पाटीदार युवकों को शराब और शबाब में डुबो दिया। सरकार से लड़ते हुए 14 पाटीदारों की जान चली गई और हार्दिक ने उन शहीदों पर पांव रखकर खुद राजनीति में एंट्री ले ली।

'हार्दिक इतनी शराब पीता था, नशे में मोबाइल भी नहीं पकड़ पाता था'

'हार्दिक इतनी शराब पीता था, नशे में मोबाइल भी नहीं पकड़ पाता था'

बकौल दिलीप साबवा, 'हार्दिक इतनी शराब पीता था कि, नशे में अपना मोबाइल भी नहीं पकड़ पाता था। ज्यादातर पार्टी ललित कगथरा द्वारा की जाती थीं। ललित वसोया भी पाटीदार युवकों को बहकाकर अपना काम निकलवाते थे। हार्दिक का जीएमडीसी ग्राउंड में पहले से धमाल करने का षडयंत्र था, इसीलिए उसने हिन्दी में भाषण दिया।'

साबवा के मुताबिक, सोनिया गांधी ने कहा था कि पाटीदारों की मांग स्वीकारने का सवाल ही नहीं, क्योंकि वे तो भाजपा को ही वोट देते हैं। उन्होंने पाटीदार समुदाय को गलत मार्ग पर ले जाने के जिम्मेदार के तौर पर माफी भी मांगी।

हार्दिक ने किया पलटवार, दिलीप पर उठाए ये सवाल

हार्दिक ने किया पलटवार, दिलीप पर उठाए ये सवाल

चुनाव के एक दिन पहले लगाए गए ऐसे आरोपों पर पलटवार करते हुए हार्दिक पटेल ने दिलीप साबवा पर ही सवाल दाग दिए। हार्दिक ने कहा कि बोले भाजपा के लोग सभी को खरीदने या धमकाने का काम कर रहे हैं। बोटाद के दिलीप साबवा ने राजकोट में क्यों प्रेस कॉन्फ्रेंस की? साबवा तो अमित शाह के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले थे, तो उन्होंने अपना फॉर्म वापस क्यों ले लिया? कांग्रेस के जो दो उम्मीदवार जीत रहे हैं उनका ही नाम क्यों लिया गया? अगर ऐसा कुछ था तो उनको चुनाव के महज एक दिन पहले ही क्यों याद आया?'

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दिनेश बांभनिया और केतन पटेल ने दिलीप साबवा के आरोपों को नकारा

दिनेश बांभनिया और केतन पटेल ने दिलीप साबवा के आरोपों को नकारा

बकौल हार्दिक, साल 2017 में भी रुपये लेकर इसी प्रकार मेरे खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी। यह सारी भाजपा की चाल है। अपनी हार से बौखलाकर भाजपा द्वारा ऐसी राजनीति की जा रही है। गुजरात की प्रजा भाजपा की इस नीति से भलीभांति वाकिफ है। इस मुद्दे पर दिनेश बांभनिया ने कहा कि मैं दिलीप साबवा की इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हूं। उस वक्त हार्दिक पटेल के साथी रह चुके केतन पटेल बोले, दिलीप साबवा तो भाजपा से सेटिंग करवाने मेरे पास आए थे।'

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English summary
Patidar Reservation Movement Committee leader Dilip Sabwa target on Hardik Patel
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