गुजरात: गिर में 'जंगल के राजा' की नहीं थम रहीं अकाल मौंतें, शावक समेत 2 शेरों की डेडबॉडी मिलीं
Gujarat News, अमरेली। शेरों की सुरक्षा के सरकारी दावों के बीच ही गुजरात के गिर वनों में फिर शेरों के शव बरामद हुए हैं। ये शेर कैसे मरे, इस बारे में अभी वन विभाग का स्पष्टीकरण नहीं आया है। पिछले हफ्ते एक शावक का शव बरामद हुआ था, अब फिर एक शेर की मौत होने की खबर आई है। इनमें से एक शेर की डेडबॉडी से नाखून गायब मिले हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये किसी शिकारी के तो शिकार नहीं हुए।

बहरहाल, एक वनकर्मी ने बताया है कि एक शेर के शव को पोस्टमार्टम के लिए जसाधार एनिमल केयर सेन्टर भेजा गया है। यह शव 10 वर्षीय शेर का था, जिसे तुलसीश्याम रेन्ज के कोठारिया राउन्ड से बरामद किया गया। कहा यह भी जा रहा है कि बुधवार शाम 6 बजे मिले शेर के शव की बात को वनतंत्र द्वारा छुपाने का प्रयास भी किया गया था। किंतु इसके कुछ बाद ही इस शेर के 12 से ज्यादा नाखून गायब होने की जानकारी भी सामने आ गई।
अधिकारी यह भी सफाई दे रहे हैं कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सामने आने के बाद ही शेर की मौत की असली वजहें पता चल पाएंगी। हालांकि, गायब हुए नाखूनों के बारे में अधिकारियों द्वारा मौन धारण कर लिया गया है।

एक साथ मरे पाए गए थे 23 शेर
कुछ माह पहले ही दलखानिया रेंज के सरसिया वीडी विस्तार में एक ही समूह के 26 में से 23 शेर की मौत हुई थी। जिनमें से कई खतरनाक कैनाइन डिस्टेंपर विषाणु के शिकार हुए थे। इस घटना के बाद राज्य सरकार द्वारा कैनाइन डिस्टेंपर विषाणु को रोकने की दवाइयां मंगवाई गई थी। जिसके चलते कुछ महीनों से शेरो की मौत की घटना कम हुई थी। लेकिन फिर से 6 दिनों में दूसरे शेर की मौत की घटना के चलते वनतंत्र की कामगिरी पर कई सवाल उठ रहे हैं और कैनाइन डिस्टेंपर विषाणु फिर से एक्टिव होने की आशंका वन प्रेमियों को सत्ता रही है।












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