सरकारी डॉक्टर के लॉगइन-पासवर्ड चुराकर फर्जी आयुष्मान कैंप चलाने लगे, लोगों से वसलूते थे 700 रु.
राजकोट। गुजरात में राजकोट जिले में पुलिस ने फर्जी आयुष्मान कैंप का पर्दाफाश कर दिया। कैंप चलाने वालों ने भरूच के एक सरकारी डॉक्टर के लॉगइन-पासवर्ड पता कर लिए थे। उसी के जरिए करीब 9 लोगों ने अपना धंधा शुरू कर लिया। वे भारतीय प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना के तहत फर्जी स्वास्थ्य कार्ड जारी करने लगे। जो कार्ड फ्री में बनता है, उसे बनाने के लिए वे हर व्यक्ति से 700 रुपए वसूलने लगे। उन्होंने राजकोट के एक सरकारी स्कूल में अपना शिविर लगाया। मुखबिर सूचना पर पुलिस को फर्जीवाड़े का पता चल गया।

पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पहली दफा आरोपी फरार हो गए थे। छापा पड़ा तो 3 मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बच निकले। जिसके बाद जांच के लिए विशेष ऑपरेशन ग्रुप टीम का गठन किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर राजकोट नगर निगम के स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष जैमीन ठकर ने संबंधित स्थल पर छापा मरवाया। राजकोट के पुलिस आयुक्त मनोज अग्रवाल ने कहा, 'वे ठग किसी भी व्यक्ति आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए उससे 700 रुपए ले रहे थे। ठगों ने भरूच के एक सरकारी डॉक्टर केशव कुमार के लॉग-इन व पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे थे।'
क्या है आयुष्मान भारत योजना
आयुष्मान भारत योजना एक हेल्थ स्कीम है जिसके तहत देश के गरीब लोग बड़े अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज कराने की सुविधा पा सकते हैं।












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