प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत गुजरात में हुआ है करोड़ों का भ्रष्टाचार, किसान बहुत कमजोर हुए: हार्दिक पटेल
राजकोट। कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल ने गुजरात सरकार को किसानों के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया है। करीब एक हफ्ते पहले हार्दिक ने जिला कलेक्ट्रेट में प्रधानमंत्री फसल बीमा दिए जाने की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें अनसुना कर दिया। जिसके बाद हार्दिक ने 'किसान सत्याग्रह' का बिगुल फूंक दिया। पड़धरी में हार्दिक ने सैकड़ों की तादाद में जुटे किसानों के साथ अनशन शुरू किया और कहा कि 'प्रतीक उपवास' को अलग-अलग गांवों में आयोजित करेंगे। हार्दिक ने इस मर्तबा रूपाणी सरकार पर प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना के तहत ग़रीब किसानों के साथ करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की हालात बहुत ही कमज़ोर है। कांग्रेस की सरकार में किसान संघ बहुत उछल रहा था, लेकिन भाजपा की सत्ता में किसान संघ कहीं खो गया है।''

'10 हजार गांवों में किसानों की फसलें बर्बाद हो गई'
हार्दिक ने कहा, ''भाजपा सरकार ने विकास की बड़ी-बडी बातें कीं। फिर भी देखिए कैसे यहां किसान खुदकुशी करने पर मजबूर हो गया है। 10 हजार गांवों में किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है। सौराष्ट्र में मूंगफली और कपास की खेती तबाह हो गई है, इसके बाद भी कंपनियां सर्वे का नाटक कर रही हैं। सरकार सिर्फ तमाशा देख रही है। सरकार भाव तय करे कि कंपनियों को रकम चुकानी है। इसके लिए बार-बार मीटिंग का नाटक क्यों? सर्दियों की फसल के लिए बुआई करने का वक़्त आ गया है। लेकिन अभी तक किसानों को फ़सल बीमे की रकम क्यों नहीं दी गई है।''

'फ़सल बीमा किसानों का हक है, उसे जरूर दें'
हार्दिक ने आगे कहा, ''फसल बीमा किसानों का हक है। अगर वह नहीं मिला तो गांवों में भाजपा नेताओं का प्रवेश बंद किया जाएगा। हमारी अभी एक मांग है कि, सभी किसानों को उसका हक और न्याय मिले। सरकार ऐसा नहीं करेगी तो गांव-गांव जाकर किसानों को जागृत किया जाएगा। बीमा कंपनियों को तालाबंदी करने के साथ गांवों में भाजपा नेताओं के लिए-144 लगवाई जाएगी।''

'अब किसान गांधीनगर को कूच करेंगे'
हार्दिक ने कहा, ''किसान के बच्चों को पहले पढ़ाई के लिए और बाद में नौकरी के लिए भटकना पड़ता है। खेती करने वालों को भी समय पर सरकारी मदद नहीं मिलती। गुजरात के किसान कब तक ऐसा अन्याय सहेंगे? अब अगर सरकार द्वारा फौरन फसल बीमा नहीं दिया गया तो लाखों की संख्या में किसान गांधीनगर पहुंचेंगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। सरकार को हमने 7 दिन का वक्त दिया था, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।''

'भाजपा को गुजरात की सरकार से इस्तीफ़ा देना चाहिए'
हार्दिक ने यह भी कहा कि किसानों को बचाना है तो गुजरात भाजपा को सरकार से इस्तीफ़ा देना चाहिए। गुजरात सरकार के पास किसानों के हित में एक भी योजना नहीं है। लगातार बारिश की वजह से बची हुई फ़सलें भी ख़त्म हो गई हैं, सरकार किसानों को बीमा भी नहीं दे रही। बीमा कंपनी वाले किसानों को जवाब नहीं दे रहे।'' इससे पहले राजकोट सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हार्दिक ने ऐसी ही बातें कही थीं। उस दौरान उनके साथ काफी संख्या में समर्थक उपस्थित थे।

इन नेताओं ने भी रूपाणी सरकार पर किए हमले
हार्दिक के साथ ही कांग्रेस विधायक ललित वसोया, ललित कगथरा आदि भी मौजूद थे। सभी ने भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया। साथ ही तत्काल फसल बीमा चुकाने की मांग की। गुरुवार को हार्दिक ने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती पर कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ''मैं नेहरूजी को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ। उनकी दूरदृष्टि एवं विकास वाली सोच ने आधुनिक भारत की इतनी मजबूत नींव रखी कि देश ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।''












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