Rajasthan News: जब दो भाइयों का जमीनी विवाद पहुंच गया हाईकोर्ट..फिर गांव के 150 मकानों पर आ गई आफत
Rajasthan News: राजस्थान के जालौर जिले में आहोर क्षेत्र के ओडवाडा में आज 150 कच्चे व पक्के मकानों पर हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन द्वारा पीला पंजा चलाया गया।
आपकों बता दें कि तहसीलदार हितेश त्रिवेदी सहित पुलिस प्रशासन सुबह 7 बजे बड़े जाब्ते के साथ ओडवाडा पहुंच गया था , जहां प्रशासन का ग्रामीणों ने रास्ता रोककर अतिक्रमण हटाने का विरोध किया , लेकिन प्रशासन ने पुलिस बल से महिलाओं और लोगों को हटा कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है।

दरअसल ओडवाड़ा गांव के दो भाइयों के जमीन का विवाद हाई कोर्ट पहुंच गया। लेकिन हाईकोर्ट ने पूरे ओडवाडा गांव की जमीन को ओरण भूमि बताया कर अतिक्रमण चिन्हित कर मकान को 14 मई तक प्रशासन में खाली करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद आज 16 मई को हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार जिला प्रशासन ने पुलिस जाब्ते के साथ ओरण भूमि में बने चिन्हित 150 कच्चे पक्के मकान पर पीला पंजा चलाकर ध्वस्त किया गया है। इस मौके पर तहसीलदार हितेश त्रिवेदी सहित बडी तादाद में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है
यह है मामला मामला
जालोर जिले के आहोर उपखंड क्षेत्र के ओडवाड़ा का है जिसमे गांव में दो भाइयों के जमीनी विवाद के मामले में गांव के ओरण भूमि पर बने करीब 440 घरों को तोड़ने के लिए उच्च न्यायालय ने आदेश जारी किए हैं।
ओडवाड़ा गांव में ओरण भूमि पर बने 440 घरों को तोड़कर अतिक्रमण मुक्त करने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार 440 घर ओरण भूमि में बने हुए हैं।
इसको लेकर पूर्व में कोर्ट के आदेश पर प्रशासन की ओर से पहले इन सभी घरों को चिह्नित कर क्रॉस का निशान लगाकर चिन्हित किया गया था ऐसे में इन घरों को खाली करने को लेकर पूर्व में नोटिस भी जारी किया गया था।
अब फिर से कोर्ट के आदेश के बाद 2 मई को तहसीलदार ने सभी को नोटिस जारी किए हैं। इन सभी मकान मालिकों को 14 मई तक मकान खाली करने को कहा गया इस नोटिस के अनुसार यदि 14 तक कोई मकान खाली नहीं करता है तो उसे 16 को प्रशासन की ओर से बेदखल कर तोड़ने और हटाने की कार्रवाई कर सामान जब्त कर लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार ओड़वाड़ा गांव में 3 साल पहले गांव के निवासी मुकेश पुत्र मुल्लसिंह राजपुरोहित व महेन्द्रसिंह पुत्र बाबुसिंह राजपुरोहित ने अपने जमीन के बटवारे को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद दोनों भाइयों में मामला इतना बढ़ गया कि मामला हाईकोर्ट पहुंच गया।
जिसके बाद दोनों भाइयों की जमीन का नाप हुआ। जिसमें गांव के करीब 440 गांव ओरण भूमि में पाये गये। जिसके बाद कोर्ट के आदेश से 2022 व 2023 में कुछ कच्चे अतिक्रमण हटा दिये है। अब फिर से कोर्ट के आदेश पर 150 से अधिक कच्चे मकान व 160 के करीब बाड़े बंदी हटाने को लेकर गांव में मकानों को चिन्हित कर निशान लगाये हैं। 16 मई को हटाने की प्रकिया की जाएगी।
कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण
आहोर तहसीलदार हितेश त्रिवेदी ने बताया कि ओडवाड़ा गांव में 35 एकड़ ओरण भूमि पर बने 150 से अधिक मकान व अतिक्रमण 16 मई को हटाया गया। अब फिर से कोर्ट के आदेश पर 150 से अधिक कच्चे मकान व 160 के करीब बाड़े बंदी हटाने को लेकर गांव में मकानों को चिन्हित कर निशान लगाये हैं। 16 मई को हटाने की प्रकिया की गई।
इसे लेकर हाईकोर्ट ने 7 मई को आदेश जारी किया है। जिसके बाद ओरण भूमि पर बने मकानों को चिह्नित किया गया है । उन्होंने ने बताया कि इसे पहले भी इन सभी घरों को नोटिस दिये थे। लेकिन मकान खाली नहीं किए हैं। 7 मई को फिर हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर ओरण भूमि में बने मकानों को हटाने के आदेश दिये हैं।
जिसके बाद हमने इनको नोटिस जारी कर 14 मई तक मकान व अन्य कब्जा खाली करने को कहा गया है। जिसके बाद भी खाली नही किया जाता हैं। तो प्रशासन की ओर से आज 16 मई को बेदखलकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी और सामान भी जब्त किया जाएगा।












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