Mahila Diwas 2024: राजस्थान की वो 5 बहादुर बेटियां, जिन्होंने आसमां में लिखी कामयाबी की नई कहानी
Women's Day Special story from Rajasthan: ये कोमल हैं पर कमजोर नहीं। पढ़ने-लिखने का भरपूर मौका मिला तो इन्होंने आसमां में कामयाबी की नई कहानी लिख दी। कई बार खुद को साबित कर दिखाया और भारतीय वायुसेना की शान बन गईं। इन पर पूरे देश को गर्व है।
विश्व महिला दिवस 2024 के मौके पर हम बात कर रहे हैं राजस्थान के गांवों में पैदा हुईं देश की पहली महिला फाइटर पायलट मोहन सिंह समेत उन पांच बहादुर बेटियों की, जो भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान उड़ाने समेत कई मुश्किल ऑपरेशनों को बखूबी अंजाम दे चुकी हैं।

यह भी पढ़ें- Naresh khilery: कौन है SI Topper नरेश बिश्नोई, जिसकी गिरफ्तारी के बाद खुला एसआई टॉपर बनने का राज
विंग कमांडर दीपिका मिश्रा ने बचाई 47 जिंदगी (Wing Commander Deepika Mishra)
भारतीय वायुसेना की बहादुर विंग कमांडर दीपिका मिश्रा राजस्थान के कोटा शहर की रहने वाली है। इनका घर कोटा के रेलवे स्टेशन इलाके में है। मध्य प्रदेश में बाढ़ राहत अभियानों में दीपिका ने अदम्य साहस दिखाते हुए 47 लोगों की जान बचाई, जिसकी बदौलत दीपिका को दिल्ली में एयर चीफ़ मार्शल विवेक राम चौधरी ने भारतीय वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) पुरस्कार प्रदान किया।
यह भी पढ़ें- Success Story: 50 बार फेल होकर सफल हुआ राजेश गुर्जर, फिर इस ट्रिक से एक साथ पाई 4 सरकारी नौकरी
स्क्वाड्रन लीडर स्वाति राठौड़ 2 बार रहीं फ्लाई पास्ट का हिस्सा (Squadron Leader Swati Rathod)
भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर स्वाति राठौड़ राजस्थान के नागौर जिले के गांव प्रेमपुरा की बेटी व यूपी के मैनपुरी के गांव दिलीपपुर कैलई की बहू हैं। मेजर वैभव सिंह कुशवाह की पत्नी स्वाति को गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में फ्लाईपास्ट कार्यक्रम में दो बार प्लेन उड़ाने का गौरव हासिल है।
यह भी पढ़ें- Success Story: रात ढाई बजे उठ चाय बनाकर देती थी सास, फिर बहू ने 2 राज्यों में पाई 4 सरकारी नौकरी
देश की पहली महिला फाइटर पायलट मोहना सिंह (India's first female fighter pilot Mohana Singh)
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव पापड़ा की रहने वाली मोहना सिंह को देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव हासिल है। 18 जून 2016 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनकर इतिहास रचाने वाली मोहना सिंह गांव पापड़ा के प्रताप सिंह व शिक्षिका मंजू देवी की बेटी हैं। ये मध्यप्रदेश की अवनी चतुर्वेदी व बिहार की भावना कांठ के साथ भारतीय वायुसेना में देश के पहले महिला फाइटर बेड़े में शामिल हुई थीं।
यह भी पढ़ें- Success Story: कौन हैं राजस्थान की अहाना गौतम, जिसने 3 साल में खड़ी कर दी 100 करोड़ की कंपनी
फाइटर पायलट प्रिया शर्मा (Fighter pilot Priya Sharma)
राजस्थान के झुंझुनूं में पिलानी के पास गांव घूमनसर कलां की रहने वालीं प्रिया शर्मा भी भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान उड़ाती हैं। इनके पिता मनोज कुमार भी एयरफोर्स में स्कवाड्रन लीडर हैं। जयपुर में एमएनआइटी से बीटेक करने के बाद फाइटर बनकर प्रिया शर्मा गांव पहली बार गांव आई तो इनके स्वागत में ग्रामीणों ने पलक पांवड़े बिछा दिए थे। इन्हें घोड़ी पर बैठाकर पूरे गांव में जुलूस निकाला गया था।
यह भी पढ़ें- Success Story: मजदूर के बेटे ने क्रैक कर डाली RPSC, सरकारी नौकरी पाने में बनाई हैट्रिक
छह बार फेल होकर फाइटर पायलट बनीं प्रतिभा पूनिया (fighter pilot pratibha poonia)
दिसम्बर 2017 में भारतीय वायुसेना में महिला फाइटर पायलट बनने वाली प्रतिभा पूनिया राजस्थान के चूरू जिले के राजगढ़ उपखंड के गांव नरवासी रामबास से हैं। गांव से शुरुआती शिक्षा पूरी की और राजकीय महाविद्यालय बीकानेर से बीटेक किया। प्रतिभा पूनिया भारतीय वायुसेना में महिला फाइटर पायलट बनने वाली मोहना सिंह के बाद राजस्थान की दूसरी बेटी है। फाइटर पायलट बनने से पहले प्रतिभा छह बार फेल हुई थीं, मगर हिम्मत नहीं हारी।












Click it and Unblock the Notifications