Rajasthan: एक साथ जन्मे चार बच्चे, गर्भपात के डर से डॉक्टरों ने सील कर दिया था गर्भाशय
राजस्थान के टोंक में एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया है। दो बेटे व दो बेटी हैं। जच्चा व चारों बच्चा स्वास्थ्य हैं।
राजस्थान के टोंक जिले में एक साथ चार बच्चों का जन्म चर्चा का विषय बना हुआ है। महिला की गोद शादी के कई साल बाद तक सूनी थी। अब उसने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है।

टोंक के निजी अस्पताल की डॉक्टर शालिनी अग्रवाल ने बताया कि रविवार शाम को परिजनों ने महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया था। देर रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सोमवार सुबह पांच बजकर 51 मिनट पर पहले बच्चे को जन्म दिया। फिर चार मिनट के अंतराल के बाद उसने तीन और बच्चों को जन्म दिया।
डॉक्टरों के अनुसार महिला के चार बच्चों में दो बेटी व दो बेटे हैं। चारों पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। अभी सभी अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनको सआदत अस्पताल के मातृ एवं शिशु स्वास्थ केंद्र स्थित चिकित्सा ईकाई में भर्ती कराया गया है। एक साथ चार बच्चों के जन्म का यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
डॉक्टर इसे दुलर्भ मामला बता रहे हैं। कहते हैं कि दस लाख केस में मेडिकल साइंस में जुड़वा बच्चे या फिर तीन बच्चों के एक साथ जन्म का मामला सामने आता है, लेकिन चार बच्चों के एक साथ जन्म का मामला कभी कभार ही सुनने को मिला है।
डॉक्टर शालिनी के अनुसार महिला गर्भवती हुई थी तब दो माह बाद ही परिजन उसे जांच करवाने के लिए अस्पताल लेकर आए थे। तब ही जांच के दौरान महिला को परिजनों को बता दिया था कि उसके गर्भ चार बच्चे पल रहे हैं। इसलिए गर्भावस्था के दौरान उसकी अतिरिक्त देखभाल की जरूरत है।
डॉ. शालिनी कहती हैं कि गर्भ में चार बच्चे होने के कारण महिला के जान को खतरा था। गर्भपात की भी आशंका बनी हुई थी। ऐसे में गर्भवस्था के चार माह बाद ही विशेष प्रकार की तकनीक से किरण के गर्भाशय को इस तरह सील कर दिया गया था कि उसे सिर्फ जांच के समय खोला जा सके।
डॉक्टरों के अनुसार गर्भ में चार बच्चे एक साथ होने के कारण जन्म के वक्त उनमें से किसी ना किसी की अक्सर मौत हो जाती है। इस केस में परिजनों द्वारा गर्भावस्था के दौरान देखभाल व डॉक्टरों की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव संभव हुआ है।












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