Rajasthan: रमेश बिधूड़ी MP को बीजेपी ने क्यों बनाया टोंक का चुनाव प्रभारी, सचिन पायलट की बढ़ गई मुश्किल?
Ramesh Bidhuri Vs Sachin Pilot Tonk Rajasthan: राजस्थान की टोंक विधानसभा सीट को बीजेपी दो विधानसभा चुनावों से एक प्रयोगशाला की तरह आजमा रही है। 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनावों में पार्टी ने एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट दिया था, जिसने टोंक सीट से ही कांग्रेस के दिग्गज सचिन पायलट के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
इस बार बीजेपी ने दक्षिणी दिल्ली से दो बार के सांसद और पार्टी दिग्गज नेता रमेश बिधूड़ी को टोंक सीट के लिए पार्टी का चुनाव प्रभारी बनाया है। बिधूड़ी एक बड़े गुर्जर नेता हैं और इस समय वह लोकसभा में मुस्लिम सांसद के खिलाफ अपनी एक विवादित टिप्पणी की वजह से विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की आंखों के कांटे बने हुए हैं।

रमेश बिधूड़ी बने टोंक सीट के चुनाव प्रभारी
बीजेपी ने रमेश बिधूड़ी जैसे नेता को टोंक जैसी सीट की जिम्मेदारी क्यों दी है, यह समझने के लिए पहले हमें उस क्षेत्र के जातीय और धार्मिक समीकरण को समझा होगा। पूर्वी राजस्थान की टोंक विधानसभा सीट सचिन पायलट की वजह से यूं ही सुर्खियों में रहती है। पायलट कांग्रेस के ऐसे नेता हैं, जिनकी बीजेपी से कथित नजदीकी बढ़ने की खबरों के चक्कर में उपमुख्यमंत्री की कुर्सी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद भी जा चुका है।
टोंक में 20% मुस्लिम, 14% गुर्जर
2018 में बीजेपी ने इस सीट पर पायलट के खिलाफ यूनुस खान को टिकट दिया था, जिसके पीछे ये वजह थी कि इस चुनाव क्षेत्र में करीब 20% मुस्लिम वोटर बताए जाते हैं। मुसलमान इस सीट के सबसे बड़े वोट बैंक हैं। वहीं यहां गुर्जरों की आबादी लगभग 14% बताई जाती है और इसी जाति से सचिन पायलट भी आते हैं। यही वजह है कि ये सीट कांग्रेस के लिए आसान बनी हुई है।
रमेश बिधूड़ी को क्यों बनाया टोंक का चुनाव प्रभारी?
टोंक में मुसलमानों और गुर्जरों के अलावा लगभग 17% दलित और आदिवासी वोटर हैं। वहीं राजपूत करीब 4%, माली 3% और ब्राह्मण-जाट-बाबरिया करीब 5-5% हैं। परंपरागत तौर पर टोंक में कांग्रेस को मुसलमानों और गुर्जरों का पूरा समर्थन मिलता रहा है। इसलिए बीजेपी ने पिछली बार मुसलमान उम्मीदवार देकर पायलट को रोकने की कोशिश की थी तो इस बार उस सीट पर चुनावी रणनीति बनाने के लिए एक दिग्गज गुर्जर नेता को भेज दिया है।
दरअसल, रमेश बिधूड़ी ने इसी महीने संसद के विशेष सत्र में चंद्रयान-3 की सफलता पर हो रही चर्चा के दौरान यूपी की अमरोहा सीट से सांसद कुंवर दानिश अली के खिलाफ काफी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। उनके बयान पर प्रतिक्रिया देने में विपक्ष को काफी समय जरूर लगा, लेकिन जब बात समझ में आई तो इंडिया ब्लॉक में शामिल पार्टियां आग बबूला हो गईं।
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तो इस मामले में यहां तक आरोप लगा दिया कि 'वह दिन दूर नहीं जब संसद में किसी मुस्लिम की मॉब लिंचिंग होगी'। यानी विपक्ष ने बिधूड़ी को बहुत बड़ा मुस्लिम-विरोधी चेहरा बनाने की कोशिश की है। शायद भाजपा को टोंक विधानसभा चुनाव के लिए उनके गुर्जर होने और उनपर लग रहे आरोपों के संयोग से फायदा मिलने की उम्मीद दिख रही है।
2018 के चुनाव में टोंक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार सचिन पायलट को 63.56% वोट मिले थे। वहीं बीजेपी के यूनुस खान ने 31.98% वोट जुटाए थे। अभी यहां से बीजेपी ने उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। जब पार्टी यह नाम फाइनल करेगी तभी अंदाजा लग सकता है कि यहां का नया समीकरण क्या हो सकता है?












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