Chaudhary Kumbharam Arya: कौन थे चौधरी कुंभाराम आर्य, जिनकी चूरू में लगाई जा रही प्रतिमा
स्वतंत्रता सेनानी चौधरी कुंभाराम आर्य की चूरू में प्रतिमा लगाए जाने के संबंध में संभागीय आयुक्त ने आदेश जारी किए हैं। राजस्थान में क्रांतिकारी भूमि-सुधार कार्य व पंचायती राज का श्रेय Chaudhary Kumbharam Arya को जाता है।
Chaudhary Kumbharam Arya Statue churu: यूं तो राजस्थान में चौधरी कुंभाराम आर्य किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, मगर नई पीढ़ी इनके बारे में कम ही जानती है। ये वो शख्य थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। किसानों की उनकी जमीन का हक दिलाया। देश में पंचायत राज व्यवस्था लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन दिनों में राजस्थान के चूरू में स्वतंत्रता सेनानी चौधरी कुंभाराम आर्य का नाम सुर्खियों में है। वजह ये है कि चूरू जिला मुख्यालय पर चौधरी कुंभाराम आर्य की प्रतिमा स्थापित किए जाने की तैयारी हो रही है।

संभागीय आयुक्त डॉ. मोहन लाल यादव ने बुधवार को इस संबंध में स्वीकृति आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, चौधरी कुंभाराम आर्य प्रतिमा का प्रस्तावित स्थल चूरू जिला मुख्यालय पर कलक्ट्रेट रोड स्थित नोलीराम एंड संस के पास नगर परिषद के स्वामित्व वाली भूमि है।
चौधरी कुंभाराम आर्य कहां जन्मे?
मनसुख रणवां के एक लेख के अनुसार चौधरी कुंभाराम आर्य का जन्म 10 मई 1914 को भारत के तत्कालीन पंजाब की पटियाला रियासत के पुलिस थाना ढूंढाल के गांव छोटा खेरा में हुआ। कुंभाराम आर्य के पिता किसान का नाम भैराराम सुंडा, मां जीवणी देवी व बड़ी बहन महकां थीं। इनके बचपन का नाम कुरड़ा राम था। 81 वर्ष की आयु में 26 अक्टूबर 1995 को उनका निधन हो गया।
कुंभाराम आर्य ने कक्षा पांच में बीकानेर स्टेट में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। बचपन में ही किसान पिता को खो दिया था। इन्होंने हनुमानगढ़ में जंगलात महकमे में नौकरी की। 1928 में नौकरी लगने के बाद कुंभाराम आर्य की शादी हरियाणा के फतेहाबाद की भूरी देवी के साथ हुई।
नौकरी लगे तब कुंभाराम आर्य की उम्र महज 14 साल थी। कुछ साल बाद बीकानेर स्टेट ने आदेश जारी कर नाबालिगों को सरकारी महकमों से हटा दिया। ऐसे में 1931 कुंभाराम आर्य की भी नौकरी चली गई। फिर 7 जनवरी 1932 को पुलिस विभाग में क्लर्क पद पर नौकरी लगे। पदोन्नति पाकर सादूलशहर, चूरू व हिंदूमलकोट में थानेदार भी रहे।
अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की तरह कुंभाराम आर्य के दिल में भी देशभक्ति का जज्बा जगा। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में शरीक होने चले गए। दूधवाखारा और कांगड़ किसान आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तब चौधरी कुंभाराम की बीकानेर रियासत में किसान नेता के रूप में भी पहचान बनने लगी थी।
कई कुप्रथाओं से दिलाई मुक्ति
कुंभाराम आर्य बीकानेर रियासत में राजस्व मंत्री भी रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों के हित से संबंधित अनेक कानून बनाए। आर्य की बदौलत ही किसानों के कुएं, तालाब और जोहड़ जागीरदारों के कब्जे से मुक्त हुए। इसके अलावा जागीरदारों द्वारा ली जाने वाली भेंट, बेगार, लालबाग और बांटा जैसी अनेक कुप्रथाओं से भी मुक्ति मिली। 26 अप्रैल 1951 को राजस्थान में जयनारायण व्यास के प्रथम मंत्रिमंडल में आर्य गृहमंत्री बने और जोधपुर में जागीरदारों की शह पर पनपे डाकुओं का सफाया किया।
चूरू से विधायक बने आर्य
कुंभाराम आर्य के प्रयासों से राजस्थान सरकार ने 'राजस्थान भूमिसुधार और जागीर पुनर्ग्रहण अधिनियम 1952' पास किया, जो 18 फरवरी 1952 को कानून बना। किसानों की उनकी जमीन का हक मिला। राजस्थान विधानसभा चुनाव 1952 में चौधरी कुंभाराम आर्य चूरू सीट से कांग्रेस की टिकट पर विधायक बने। 13 नवंबर 1954 को सुखाड़िया मंत्रिमंडल में चौधरी कुंभाराम आर्य कैबिनेट मंत्री बने और 'जागीरदारी प्रथा पुनर्ग्रहण संशोधन अधिनियम 1954' तथा 'राजस्थान टेनेंसी एक्ट 1955' पारित किए।
लागू करवाई पंचायती राज व्यवस्था
डॉ. पेमाराम लिखते हैं कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 1957 में टिकट नहीं मिलने पर कुंभाराम आर्य पंचायती राज व्यवस्था को शक्तिशाली बनाने में जुट गए। ताकि गांव की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही सके। 'पंचायत राज संघ' की स्थापना की। प्रयासों का नतीजा यह रहा कि 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर से देश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवसथा की शुरुआत हुई।
यह भी पढ़ें - Ghasiram Verma : 95 वर्षीय वो करोड़पति फकीर जो बेटियों की पढ़ाई पर हर साल खर्च करते हैं 50 लाख रुपए
-
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Hormuz Crisis: ईरान के खिलाफ 20 मजबूत देशों ने खोला मोर्चा, दे दी बड़ी चेतावनी, अब क्या करेंगे मोजतबा खामेनेई -
बिना दर्शकों के खेला जाएगा PSL, मोहसिन नकवी ने की 2 शहरों में आयोजन की घोषणा, किस वजह से लिया यह फैसला? -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के भाव ने फिर चौंकाया, चढ़ा या गिरा? जानें यहां -
Donald Trump PC Highlights: '48 घंटे के अंदर खोलो Hormuz वरना तबाह कर दूंगा', ट्रंप ने दी ईरान को धमकी -
विराट ने मांगा प्राइवेट जेट? क्या RCB के हर मैच के बाद जाएंगे वापस लंदन? खुद सामने आकर किया बड़ा खुलासा












Click it and Unblock the Notifications