Diljit Dosanjh को बम से उड़ाने की धमकी, लुधियाना में हाई अलर्ट, मिला खौफनाक E-Mail, क्या है मामला?
Diljit Dosanjh: पंजाब के लुधियाना में गत 25 मई 2026 (सोमवार) को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब नगर निगम अधिकारियों को एक धमकी भरा ईमेल मिला। इस ईमेल में मशहूर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के घर और लुधियाना की मेयर इंदरजीत कौर (Inderjit Kaur) के ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी दी गई।
दिलजीत दोसांझ को मिली बम से उड़ाने की धमकी
ईमेल सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में अफरा-तफरी मच गई और पूरे शहर में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया। बताया जा रहा है कि ये धमकी भरा मेल नगर निगम कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजा गया था। इसमें कथित हमले का समय भी लिखा गया था, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का ताबड़तोड़ एक्शन
-धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और सुरक्षा एजेंसियों की टीम तुरंत हरकत में आ गई। दिलजीत दोसांझ के घर और मेयर कार्यालय के आसपास कई घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। खोजी कुत्तों की मदद से हर कोने की जांच की गई लेकिन राहत की बात ये रही कि कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ।
-सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेरकर जांच की और नगर निगम परिसर को भी एहतियातन खाली करा लिया गया। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
धमकी भरे ईमेल में 1984 दंगों का जिक्र
-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धमकी भरे ईमेल में दिलजीत दोसांझ के घर को रात 9 बजकर 11 मिनट पर उड़ाने की बात कही गई थी जबकि मेयर इंदरजीत कौर पर दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर हमले का जिक्र किया गया था।
-ईमेल में साल 1984 के दंगों का भी उल्लेख किया गया था और कथित तौर पर खून का बदला खून जैसी भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इसमें बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) का नाम भी शामिल किया गया था। इतना ही नहीं, धमकी देने वालों ने 6 जून 2026 तक का अल्टीमेटम देते हुए दावा किया है कि इस तारीख तक दोनों को बम धमाकों के जरिए निशाना बनाया जाएगा।
खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजा गया मेल
जानकारी के अनुसार ये धमकी भरा ईमेल गत 25 मई 2026, सोमवार सुबह करीब 7 बजकर 28 मिनट पर भेजा गया था। ईमेल के आखिर में KHALISTAN NATIONAL ARMY लिखा हुआ था। साथ ही इंजीनियर गुरनख सिंह और डॉ. गुरनिरवैर सिंह नाम के दो लोगों का जिक्र भी किया गया था। हालांकि एजेंसियां फिलहाल ईमेल की तकनीकी जांच में जुटी हैं और ये पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमकी किस लोकेशन और नेटवर्क से भेजी गई।
दिलजीत दोसांझ और खालिस्तानी विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
-आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों से दिलजीत दोसांझ लगातार कट्टरपंथी खालिस्तानी समर्थकों के निशाने पर बने हुए हैं। इस विवाद की शुरुआत 23 अप्रैल 2026 को कनाडा के वैंकूवर में हुए एक शो से मानी जा रही है।
-उस दौरान दिलजीत के लाइव परफॉर्मेंस के बीच कुछ लोग खालिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए भीड़ में घुस गए थे और झंडे लहराने लगे थे। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी, जिसके बाद वहां हंगामे जैसी स्थिति बन गई थी। आरोप है कि उसी दौरान कुछ लोगों ने दिलजीत को मोदी समर्थक और बीजेपी-आरएसएस का एजेंट तक कह दिया था।
दिलजीत के बयान पर भड़के समर्थक
-विवाद यहीं नहीं रुका। 30 अप्रैल 2026 को कनाडा के कैलगरी शो में भी कुछ लोगों ने खालिस्तानी झंडे दिखाए। बताया जाता है कि इस दौरान दिलजीत दोसांझ ने स्टेज से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वह उन्हें बाहर फिंकवा देंगे।
-दिलजीत दोसांझ के इसी रिएक्शन के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ कट्टरपंथी अकाउंट्स से उन्हें खुलेआम चुनौती दी गई और कहा गया कि उनका अहंकार तोड़ा जाएगा।
गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भी दी थी चेतावनी
इसके बाद Gurpatwant Singh Pannun ने भी दिलजीत दोसांझ को लेकर विवादित बयान दिया था। पन्नू ने दावा किया था कि दिलजीत का घमंड ही उनका सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है। उसने ये भी कहा था कि जिन झंडों को दिलजीत ने नजरअंदाज किया, उनमें अभी सिर्फ कपड़ा था, डंडा नहीं। पन्नू ने अपने बयान में अमिताभ बच्चन और 1984 के दंगों का भी जिक्र किया था, जिसके बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील बन गया।
लुधियाना में हाई अलर्ट, जांच एजेंसियां सतर्क
फिलहाल लुधियाना में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कड़ी कर दी गई है। मेयर ऑफिस, नगर निगम परिसर और कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात है। जांच एजेंसियां इस धमकी के पीछे के नेटवर्क और संभावित कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं। हालांकि अब तक किसी विस्फोटक की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन प्रशासन इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।












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