Rajasthan News: 15 लाख हिंदू महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स का चुराया डेटा, ब्लैकमेल कर मांगे पैसे, कौन है ये शख्स
Rajasthan Crime News: राजस्थान की SOG टीम ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने लॉन्जरी कंपनी से 15 लाखों महिलाओं के पर्सनल डेटा को चोरी किया और उन्हें ब्लैकमेल कर ठगा था। आरोपी उदयपुर का रहने वाला है।

Rajasthan Udaipur Crime News: राजस्थान से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। राजस्थान के उदयपुर का रहने वाला 36 वर्षीय संजय सोनी ने एक ऐसा कांड किया है, जिसने सबको चौंका कर रख दिया है। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने एक प्रमुख ऑनलाइन लॉन्जरी कंपनी के ग्राहकों का डेटा चुराकर ब्रांड से पैसे वसूलने के आरोप में संजय सोनी को गिरफ्तार किया है।
संजय सोनी पर लॉन्जरी कंपनी जिवामे (Zivame) से 15 लाख से अधिक हिंदू महिलाओं का व्यक्तिगत डेटा चुराने और इसे मुस्लिम देशों को बेचने का आरोप है। इतना ही नहीं ये शख्स 15 लाख हिंदू महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स का डेटा चुराकर कंपनी को ब्लैकमेल कर क्रिप्टोकरेंसी में उसने पैसे ठगा करता था।
मोबाइल नंबर से लेकर अंडरगारमेंट्स के साइज तक का डेटा चोरी
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक संजय सोनी ने महिलाओं के संवेदनशील जानकारी में मोबाइल नंबर, पता, जन्म तिथि, ईमेल आईडी और अंडरगारमेंट्स का साइज से जुड़ी डेटा निकाली थी। कंपनी द्वारा राजस्थान एसओजी को अलर्ट करने के बाद आरोपी को 31 मई को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी को 3 जून को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद उदयपुर के रहने वाले संजय सोनी ने घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की, उसने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से कई हिंदू महिलाओं का डेटा बेचा जा रहा था।
पुलिस ने पूरे मामले पर क्या कहा?
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एटीएस और एसओजी) अशोक राठौर ने रविवार (4 जून) को कहा, "आरोपी ने सोशल मीडिया पर छेड़छाड़ किए गए डेटा को सांप्रदायिक रंग देने के अलावा उन्हें ब्लैकमेल करके कंपनी से पैसे वसूल रहा था।''
पुलिस के मुताबिक सोनी ने पहले एक बग को ठीक करने के लिए कंपनी से संपर्क किया था। मामले की जांच अधिकारी इंस्पेक्टर पूनम चौधरी ने कहा कि संजय सोनी ने लॉन्जरी कंपनी जिवामे से बग को ठीक करने के बदले में 1500 अमेरिकी डॉलर का भुगतान करने के लिए कहा था और उनसे बिटकॉइन के माध्यम से 1000 अमेरिकी डॉलर मिले भी थे।
हालांकि बाद में पैसे ठगने के लिए उसने कंपनी के डेटा को ऑनलाइन अपलोड करना शुरू कर दिया था, यह आरोप लगाते हुए कि इसने हिंदू महिलाओं की जानकारी ली और उन्हें धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से बेच दिया। इस घटना के बाद कंपनी ने पुलिस से संपर्क किया।
आरोपी के खिलाफ इन शहरों में भी मामले दर्ज
आरोपी के खिलाफ बेंगलुरु, मुंबई, लखनऊ और उदयपुर में पांच और मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66 और भारतीय दंड संहिता की धारा 295 ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) और 153 ए (दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज किया है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी हैकिंग में शामिल एक ऑनलाइन समुदाय का हिस्सा था। जबकि कुछ हैकर्स कंपनी की वेबसाइटों में सुरक्षा समस्याओं की पहचान करते हैं और उन्हें बग का पता लगाने के लिए पैसा दिया जाता है। लेकिन संजय सोनी वित्तीय लाभ के लिए इन खामियों का फायदा उठाने का काम कर रहा था।












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