बुजुर्ग के शव पर 'घरवाली' और 'बाहरवाली' वाली का दावा, जानिए फिर किसको मिली बृजलाल की देह?
श्रीगंगानगर, 31 मई। किसी शख्स की मौत पर उसकी सम्पत्ति को लेकर अक्सर विवाद देखा जाता है, मगर राजस्थान के श्रीगंगानगर के रामसिंहपुर में एक शव पर बवाल मचा है। बुजुर्ग के शव पर दो महिलाओं ने हक जताया है। इनमें से एक 'घरवाली' और दूसरी 'बाहरवाली' है। करीब तीन घंटे की वार्ता के बाद फैसला हुआ।

जानकारी के अनुसार श्रीगंगानगर जिले के श्रीविजयनगर निवासी बृजलाल लावा ग्राम पंचायत सचिव पद पर कार्यरत थे। बृजलाल ने मोहरादेवी से शादी की थी। तीन बच्चे भी हुए। पत्नी ने मनमुटाव के चलते बृजलाल ने मोहरादेवी को छोड़ दिया और फिर वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सर्वजीत कौर में सम्पर्क में आए।
मोहरा देवी को छोड़ने के बाद बृजलाल और सर्वजीत कौर के साथ रामसिंहपुर में वार्ड नौ बजे लिव इन रिलेशनशपि में रहने लगे। दोनों 25 साल तक लिव इन में रहे। बृजलाल कैंसर से पीड़ित थे। 29 मई को उनकी मौत हो गई। तब सर्वजीत कौर उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए।
इधर, सूचना पाकर मोहरादेवी अपने बच्चों को साथ सर्वजीत कौर के घर पहुंची और बृजलाल के शव पर अपना हक जताते हुए अंतिम संस्कार के लिए शव ले जानी लगी। सर्वजीत कौर ने शव देने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। इस बीच वहां रामसिंहपुर पुलिस भी पहुंच गई।
रामसिंहपुर थानाधिकारी सरजीत कुमार के अनुसार पूर्व पालिकाध्यक्ष सुशील मिढा की मौजूदगी में विवाद निपटाया गया। सभी ने मिलकर फैसला किया कि मोहरा देवी बृजलाल की पहली पत्नी है। इसलिए कानूनन उसका हक है जबकि बृजलाल के अंतिम दिनों में उसकी सेवा सर्वजीत कौर ने की। इसलिए उसे भी हक से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। फिर तय हुआ मोहरादेवी के बेटे अंतिम संस्कार की रस्में निभाएंगे जबकि अंतिम संस्कार में सामान सर्वजीत कौर मंगाएगी।












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