जयपुर में दर्दनाक हादसा: चारा काटने वाली मशीन में दुपट्टा फंसने पर महिला का सिर धड़ से हुआ अलग, मौके पर मौत
Rajasthan News: राजस्थान के जयपुर के पास गोविंदगढ़ के निंदोला गांव में एक दुखद घटना हुई है। पशुओं के लिए चारा काटने वाली मशीन की चपेट में आकर मंजू देवी की दर्दनाक मौत हुई है। चारा काटते समय उसका दुपट्टा मशीन के पहिए में फंस गया, जिससे उसका सिर धड़ से अलग हो गया। यह घटना 1 जनवरी को शाम 6 बजे हुई, जब वह अपनी दादी की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए अपने मायके गई हुई थी।
16 साल पहले हुई मंजू की शादी
35 वर्षीय मंजू देवी की शादी 16 साल पहले बद्री प्रसाद यादव से हुई थी। उनके दो बच्चे हैं: यश, जो 12 साल का है, और काव्या, जो 10 साल की है। मंजू अपने बच्चों को अरनिया (श्रीमाधोपुर) में अपने ससुराल वालों के पास छोड़कर देवथला (गोविंदगढ़) में अपने माता-पिता के घर आई थी। उनके पति समरवता (उदयपुर) में सरकारी कॉलेज में लेक्चरर के पद पर कार्यरत हैं।

चचेरे भाई अनुराग के साथ चारा काटते समय यह हादसा हुआ
31 दिसंबर को मंजू अपने पति के साथ निंदोला गांव में अपनी दादी के घर पहुंची। इसके बाद बद्री प्रसाद काम के लिए उदयपुर चले गए। 1 जनवरी को अपने चचेरे भाई अनुराग के साथ चारा काटते समय यह हादसा हुआ। अनुराग सरसों की चरखी आगे बढ़ा रहा था, जबकि मंजू ने उसे उठाकर अनुराग को थमा दिया।
अनुराग ने बताया कि जैसे ही मंजू इंजन के पास झुकी, उसका दुपट्टा इंजन के पहिये में फंस गया। पहिये की गति इतनी तेज थी कि वह इस हादसे को रोकने के लिए तुरंत प्रतिक्रिया नहीं कर सका। पहिये के बल के कारण मंजू की गर्दन पास के एक पत्थर से टकरा गई, जिससे उसका सिर तुरंत धड़ से अलग हो गया।
परिणाम और प्रतिक्रियाएँ
इस घटना की अचानकता ने अनुराग को सदमे में डाल दिया। उसने घबराहट में उसने इंजन बंद कर दिया लेकिन उसे पता चला कि मंजू की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। मंजू देवी 23 दिसंबर को अपनी दादी के निधन पर शोक व्यक्त करने आई थीं। उनके पति ने 31 दिसंबर को उन्हें निंदोला गांव में छोड़ा और फिर उदयपुर में अपनी ड्यूटी पर चले गए।












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