Success Story: राजस्थान का जसवंत सिंह चौहान आर्मी-AIF में 4 बार बना अफसर, रविंद्र भाटी भी हुए मुरीद
Jaswant Singh Chauhan Barmer: भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर पर स्थित राजस्थान के बाड़मेर से जसवंत सिंह चौहान ने कामयाबी की नई कहानी लिख दी है। ये वो शख्स हैं, जो भारतीय सेना व भारतीय वायु सेना में चार बार अफसर बने हैं।
जसवंत सिंह चौहान बाड़मेर के मिठड़ा गांव के रहने वाले हैं। पूरे गांव में इनकी सक्सेस की चर्चा है। सोशल मीडिया पर भी ये छाए हुए हैं। शिव से विधायक व बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा चुनाव 2024 में रविंद्र सिंह भाटी भी जसवंत सिंह चौहान के मुरीद हो गए हैं।

वनइंडिया हिंदी से बातचीत में गिरधर सिंह मुंगेरिया ने बताया कि जसवंत सिंह चौहान उनका भतीजा है। भतीजा ने अपनी मेहनत व लगन से पूरे परिवार का नाम रोशन किया है। सबको उस पर गर्व है। जुलाई में वह प्रशिक्षण पर जाएगा।
गिरधर सिंह के अनुसार यूपीएससी सीडीएस का परिणाम 22 अप्रैल व एएफकेट का परिणाम दो दिन पहले ही आया है। दोनों ने जसवंत सिंह ने बाजी मारी है। AFCAT में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा व सीडीएस में 16वां स्थान हासिल किया है।

बाड़मेर के पहले शख्स बने जसवंत सिंह चौहान?
ये दो परीक्षाएं पास करने से पहले जसवंत सिंह चौहान का NCC के आधार डायरेक्टर इंटरव्यू के लिए चयन हो चुका है। तब अखिल भारतीय स्तर पर 58 व 79 रैंक मिली। ऐसे में चौहान संभवतया बाड़मेर के पहले शख्स बन गए हैं, जिनको भारतीय सेना लेफ़्टिनेंट व भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनने का चार बार मौका मिला है।
जसवंत सिंह चौहान की चार सक्सेस
-AFCAT 02/2023 में ऑल इंडिया रैंक-2
-UPSC-CDS 02/2023 (IMA) में ऑल इंडिया रैंक 16
-NCC स्पेशल इंट्री में 2 बार रिकमेंड (AIR 58 व 79)
सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की बाढ़
आम चुनाव 2024 में बाड़मे-जैसलमेर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी ने अपने फेसबुक पेज पर जसवंत सिंह चौहान की सक्सेस स्टोरी शेयर करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। पोस्ट पर जसवंत सिंह को मिल रहे शुभकामना संदेशों की बाढ़ सी आई हुई है।












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