Rajasthan: जयपुर में राजभवन के बाहर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, अशोक गहलोत और सचिन पायलट एक मंच पर आए नजर
Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में राज्य कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। जिसमें मणिपुर हिंसा और अडानी मामले को लेकर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजभवन की ओर कूच करने की कोशिश की। जिसे रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। शहीद स्मारक पर हुए इस प्रदर्शन में कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई। जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रमुख नेता और संयुक्त विरोध
प्रदर्शन में कांग्रेस के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा ने एक मंच साझा किया। इन नेताओं की संयुक्त उपस्थिति ने पार्टी की एकता और केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष के संकल्प को प्रदर्शित किया।

कांग्रेस का हमला, मुद्दों पर सरकार को घेरा
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कांग्रेस की सड़कों से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने केंद्र सरकार पर सार्वजनिक मुद्दों की अनदेखी करने और पूंजीपतियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया। सचिन पायलट ने केंद्र की नीतियों की आलोचना करते हुए सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि हम उद्योगपतियों के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन सार्वजनिक संपत्तियों को औने-पौने दामों पर बेचने का कड़ा विरोध करते हैं। यह देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहा है।
पायलट ने मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मणिपुर में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। पायलट ने कहा कि मणिपुर में स्थिति बहुत खराब है। गोलियां चल रही हैं। लेकिन सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। प्रधानमंत्री को वहां जाकर समस्या का समाधान करना चाहिए।
कांग्रेस की एकजुटता का संदेश
प्रदर्शन ने कांग्रेस नेताओं के एकजुट होकर राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का संकेत दिया। अशोक गहलोत और सचिन पायलट की उपस्थिति ने पार्टी के भीतर एकता और दृढ़ता का संदेश दिया। जो कि आने वाले चुनावों से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार की नीतियों पर सवाल और मांग
कांग्रेस ने मणिपुर में बिगड़ते हालात और हिंसा पर केंद्र की निष्क्रियता की आलोचना की। अडानी समूह के मुद्दे पर केंद्र सरकार की भूमिका और सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
जयपुर का यह प्रदर्शन कांग्रेस पार्टी के लिए राष्ट्रीय मुद्दों को उठाने का महत्वपूर्ण मंच बना। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया और जनता से इन मुद्दों पर जागरूक होने की अपील की। गहलोत, पायलट और डोटासरा जैसे प्रभावशाली नेताओं की उपस्थिति ने पार्टी की रणनीतिक एकता और सरकार के खिलाफ लड़ाई के लिए तैयार रहने का स्पष्ट संकेत दिया।












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