SIkar Bride Kidnap Case : जाट समाज ने रखी ऐसी मांग, जिससे सामने आ सकती है अंकित-हंसा की रियल स्टोरी
Sikar Bride Kidnap Case, सीकर। इन दिनों राजस्थान के सीकर जिले में दुल्हन अपहरण का मामला गूंज रहा है। पहले राजपूत समाज ( Sikar Rajput ) दुल्हन हंसा की बरामदगी के लिए सड़कों पर उतरा, वहीं अब मामले में जांच अधिकारी बदलने समेत कई मांगों को लेकर जाट समाज ( Sikar Jat ) आंदोलन की राह पर है।

दुल्हन हंसा के बयानों के बाद फिर किया प्रदर्शन
जाट समाज ने गुरुवार को सीकर में अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू किया। दोपहर तक सीकर की बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और पूरा शहर छावनी में तब्दील नजर आया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। दोपहर बाद आईजी ने सीकर दुल्हन अपहरण मामले की जांच महावीर सिंह राठौड़ से बदलकर एएसपी देवेन्द्र शर्मा को सौंप दी। आईजी की इस घोषणा के बाद मामला शांत हो गया था, लेकिन शाम को दुल्हन के न्यायालय में बयान हुए और इस दौरान पूर्व जांच अधिकारी महावीर सिंह राठौड़ की मौजदगी को लेकर जाट समाज के लोगों ने आपत्ती जताई और फिर से प्रदर्शन कर दिया।

...तो ऐसे आएगी हकीकत सामने
सीकर दुल्हन अपहरण केस में सबसे अधिक चर्चा का विषय यह बात बनी हुई है कि अंकित ने दुल्हन हंसा का अपहरण किया या दोनों अपनी मर्जी से गए। दोनों के बीच पहले से कोई संबंध है या नहीं। यह सब पुलिस जांच में स्पष्ट हो सकेगा, मगर जाट समाज ने बुधवार को सीकर पुलिस को ज्ञापन देकर अंकित व हंसा के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाने की मांग की है। यह मांग इस ओर इशारा कर रही है कि कॉल डिटेल ( Ankit hansa Call Detail ) से दोनों की रियल स्टोरी आ सकती है।

क्या है सीकर दुल्हन अपहरण केस
-15 अप्रैल : सीकर के धोद पंचायत समिति के गांव नागवा के एक व्यक्ति की दो बेटी सोनू व हंसा की थी। बारात मोरडूंगा गांव से आई।
-16 अप्रैल : तड़के दुल्हन सोनू व हंसा की विदाई हुई। दोनों बहन दूल्हों के साथ कार में सवार होकर ससुराल जा रही थी।
-घर से 4 किमी चलने के बाद गांव रामबक्सपुरा के बस स्टैण्ड पर अंकित व उसके साथ कार रुकवाई और दूल्हन हंसा का अपहरण किया।
-17 अप्रैल : दूल्हन के अपहरण की सूचना से राजपूत समाज आक्रोशित हो गया। उदयपुरवाटी विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा ने देर शाम आत्मदाह का प्रयास किया।
-18 व 19 अप्रैल : राजपूत समाज के लोगों ने दुल्हन के बरामगी की मांग को लेकर राजपूत छात्रावास के सामने धरना शुरू जारी रहा।
-20 अप्रैल : राजपूत समाज की ओर से पुलिस को दिया अल्टीमेटम समाप्त होने पर समाज के लोगों ने विधायक गुढ़ा व राष्ट्रीय करणी सेना के सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। शाम को देहरादून में अंकित, हंसा व विकास के मिल जाने की खबर आई।
25 अप्रैल : जांच अधिकारी बदलने की मांग को लेकर जाट समाज का अनिश्चित कालीन बंद का ऐलान।












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