Shri Sanwaliya Seth: सांवलिया सेठ मंदिर में 4 राउंड की गिनती में निकले 36 करोड़! अब कितना खजाना मिलना बाकी?
मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ (Shri Sanwaliya Seth Mandir) के दरबार में भक्तों की श्रद्धा ने इस बार ऐसा चमत्कार कर दिखाया है कि दान के सारे पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं। सेठ जी के भंडार (तिजोरी) को जब खोला गया, तो उसमें से नोटों की ऐसी 'धनवर्षा' हुई कि गिनती करने वाले भी हैरान रह गए।
चार चरणों में पूरी हुई नोटों की गिनती में अब तक कुल 36 करोड़ 13 लाख 60 हजार रुपये की नकद राशि निकल चुकी है। यह राशि पिछले साल के दो महीने के कुल दान (₹34.91 करोड़) को भी पार कर गई है!

रिकॉर्ड तो टूटा, पर 'खजाना' अभी बाकी है!
इस खबर का सबसे रोमांचक मोड़ वह है जो अभी सामने आना बाकी है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि यह 36 करोड़ से अधिक की राशि सिर्फ नकदी की है। अभी सोने-चांदी की ज्वेलरी, चेक, मनी ऑर्डर और ऑनलाइन ट्रांसफर से आई राशि को जोड़ना बाकी है।
एक्सपर्ट का अनुमान है कि जब सोने-चांदी की कीमत जोड़ी जाएगी, तो यह कुल दान राशि 40 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को आसानी से पार कर जाएगी और एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करेगी। भक्तों और त्योहारों के कारण गिनती को बार-बार रोकना पड़ा, लेकिन हर बार जब गिनती शुरू हुई, तो नोटों के बंडल, बोरियों में भरे सिक्के और आभूषणों का अंबार सामने आता गया।
सेठ जी नहीं, यह तो भक्तों का 'व्यापार का साझेदार' है!
सांवलिया सेठ मंदिर की प्रसिद्धि का कारण सिर्फ यह रिकॉर्ड तोड़ दान नहीं है, बल्कि भक्तों की अनूठी आस्था भी है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि सांवलिया सेठ को व्यापार और समृद्धि का देवता माना जाता है। देश भर के व्यापारी उन्हें अपना 'बिजनेस पार्टनर' मानते हैं और अपनी आय का एक हिस्सा 'साझेदारी' के रूप में मंदिर में अर्पित करते हैं। यह विशाल दान इस बात का प्रमाण है कि सेठ जी ने अपने भक्तों को कभी खाली हाथ नहीं लौटाया।
1840 का रहस्य और ऋषि भृगु के चरण
मान्यताओं के अनुसार, इस भव्य मंदिर का इतिहास भी कम रोचक नहीं है। यह कहानी 1840 में एक ग्वाले भोलाराम गुर्जर से शुरू होती है, जिसे सपने में भगवान कृष्ण की तीन दिव्य मूर्तियों के दर्शन हुए थे। भोलाराम ने जब सपने में बताए गए स्थान पर खुदाई की, तो उन्हें सचमुच तीन मूर्तियां मिलीं, जिनमें से एक मंडफिया में स्थापित की गई, जो आज 'सांवलिया सेठ' के रूप में विख्यात है।
सबसे अनोखी बात यह है कि भादसोड़ा (Bhadsoda) में स्थापित सांवलिया जी की मूर्ति की छाती पर ऋषि भृगु के चरण चिह्न हैं। मान्यता है कि यह अद्भुत दर्शन भक्तों को प्रतिदिन केवल 10 मिनट के लिए ही प्राप्त होता है (सुबह 4:50 बजे से 5:00 बजे तक)क है, जो उन्हें इस कृष्णधाम तक खींच लाती है।
-
IPS अंशिका वर्मा ने केके बिश्नोई से रचाई शादी, क्या अधूरा ख्वाब पूरा करने के लिए त्याग देगी खाकी वर्दी? -
Alka Yagnik की हालत बिगड़ी? खतरनाक बीमारी ने किया ये हाल, छलका सिंगर का दर्द, कहा- दुआ मांगो -
Love Story: 38 साल से पति से अलग रहती हैं Alka Yagnik, क्यों अकेले जी रहीं जिंदगी? अब दर्दनाक हुई हालत -
Alka Yagnik Caste: क्या है सिंगर अलका याग्निक की जाति? खतरनाक बीमारी से जूझ रहीं गायिका मानती हैं कौन-सा धर्म? -
'इंटीमेट सीन के दौरान उसने पार की थीं सारी हदें', Monalisa का बड़ा बयान, सेट पर मचा था ऐसा हड़कंप -
Rahul Banerjee Postmortem रिपोर्ट में शॉकिंग खुलासा, सामने आया ऐसा सच, पुलिस से लेकर परिवार तक के उड़े होश -
Mounika कौन थी? शादीशुदा प्रेमी Navy Staffer Chintada ने क्यों किए टुकड़े-टुकड़े? सिर जलाया तो बॉडी कहां छिपाई -
Rakesh Bedi Caste: धुरंधर में पाकिस्तान को उल्लू बनाने वाले 'Jameel' किस जाति से? ठगी का शिकार हुई पत्नी कौन? -
बॉलीवुड की पहली 'लेडी सुपरस्टार' ने 4 Minute तक किया था Kiss, हीरो के छूट गए थे पसीने, फिर मचा था ऐसा बवाल -
RBSE Topper: रिजल्ट से 10 दिन पहले थम गईं निकिता की सांसें, 12वीं की मार्कशीट में चमकता रह गया 93.88% -
Leander Paes: तीन अभिनेत्रियों संग रहा लिवइन रिलेशन, बिना शादी के बने पिता, घरेलू हिंसा का लगा था आरोप -
Gold Rate Today: मार्च के आखिर में फिर सस्ता हुआ सोना, डेढ़ लाख के नीचे आया भाव, ये है 22k और 18K गोल्ड रेट












Click it and Unblock the Notifications