Sadhvi Prem Baisa Case: डीएनए और विसरा रिपोर्ट पर टिकी जांच टीम की निगाहें, पिता का होगा पॉलिग्राफी टेस्ट

Sadhvi Prem Baisa Case: जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच जारी है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIR) टीम ने अब तक पिता समेत करीब 15 और करीबी लोगों से पूछताछ की है। अब जांच टीम की नजर विसरा और डीएनए रिपोर्ट्स पर है। सूत्रों के मुताबिक, दर्ज किए बयानों और रिपोर्ट्स के आधार पर जांच टीम हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश करेगी।

सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि साध्वी को लगाए गए इंजेक्शन किस डॉक्टर की पर्ची पर दिए गए थे।माना जा रहा है कि विसरा और डीएनए रिपोर्ट्स आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम पिता और कुछ करीबी लोगों से एक और राउंड पूछताछ करने वाली है। फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद पिता का पॉलीग्राफी टेस्ट भी कराया जा सकता है।

Sadhvi Prem Baisa Case

Sadhvi Prem Baisa Case: डॉक्टर और कंपाउंडर से लिखित बयान दर्ज

- पुलिस ने इस मामले में बीएनएसएस की धारा 180 के तहत पूछताछ शुरू कर दी है। एसआईटी ने संबंधित डॉक्टर और कंपाउंडर से लिखित बयान लिए हैं।

- घटना से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मांगे हैं। इसके साथ ही साध्वी के परिजनों से भी विस्तार से पूछताछ की गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।

Sadhvi Prem Baisa Case Update: पिता और केयरटेकर का हो सकता है पॉलीग्राफ टेस्ट

एफएसएल निदेशक डॉ. अजय शर्मा के अनुसार, अगर विसरा जांच में जहर की पुष्टि नहीं होती है तो साध्वी के पिता और केयरटेकर सुरेश का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एफएसएल इस प्रक्रिया के लिए तैयार है। पुलिस का औपचारिक अनुरोध मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, पिता के बयानों से जांच टीम संतुष्ट नजर नहीं आ रही है।

Sadhvi Case: 35 सैंपलों की हो रही गहन जांच

  • एसआईटी ने कुल 35 सैंपल जांच के लिए एफएसएल भेजे हैं, जो सामान्य मामलों की तुलना में काफी अधिक हैं।
  • इनमें खाने के बर्तन, आश्रम की मिट्टी, चादर, तौलिया, कंघा, डस्टबिन, इंजेक्शन की इंजेक्शन और दवाइयों की बोतलें शामिल हैं।
  • इन सभी की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह के जहरीले पदार्थ का पता लगाया जा सके।

पुरानी दवाइयां भी जांच के दायरे में

एफएसएल यह भी जांच कर रहा है कि साध्वी को अस्थमा था या नहीं और कहीं किसी दवा की ओवरडोज तो मौत की वजह नहीं बनी। इसके लिए उनकी पुरानी दवाइयों के सैंपल भी शामिल किए गए हैं। अगर मेडिकल कारण सामने आता है तो जांच की दिशा बदल सकती है।

महत्वपूर्ण अंगों के सैंपल भेजे गए

विसरा जांच के तहत लीवर, फेफड़े, हार्ट और आंत सहित कई अंगों के नमूने लिए गए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि शरीर में जहर मौजूद था या नहीं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह प्रक्रिया मौत के कारण तय करने में निर्णायक साबित होती है। एफएसएल निदेशक ने बताया कि सैंपलों की संख्या अधिक होने के कारण जांच में लगभग सात से दस दिन का समय लग सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+