राजस्थान के टोंक में सचिन पायलट की धर्म यात्रा,खाटू श्याम की आरती उतार, खैंचा रथ
Rajasthan News: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने आज कांग्रेस को लेकर बनी हुई सारी विचारधाराओं को ऐसा तोड़ा कि हर कोई मुरीद हो गया।
टोंक में आज भगवान खाटूश्याम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शुरू हुई कंकाली माता मंदिर से शुरू हुई कलश और रथ यात्रा में सचिन पायलट शामिल हुए।

शहर के घंटाघर चौराहे पर टोंक विधायक सचिन पायलट का कलश यात्रा आयोजकों द्वारा दुपट्टा ओढाकर स्वागत किया गया ।
इस दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट ने रथयात्रा में भगवान खाटूश्यान की आरती उतारी और रथ को अपने हाथों से खींचा भी सहीं।
टोेंक विधायक सचिन पायलट के इस बदले धर्मस्वरूप को लेकर अब सियासी चर्चाएं शुरू हो गई है। पायलट ने आज भगवान खाटूश्याम के रथ को खींचकर यह तो बता दिया कि धर्म और आस्था किसी एक पार्टी विशेष की नहीं है।
साथ ही पायलट ने इतना भी जता दिया कि धर्म और आस्था को निभाने के लिए जरूरी सभी परम्पराएं वह निभाना और करना जानते है।
सचिन पायलट ने आज भगवान खाटूश्याम की पदयात्रा में शामिल होने के दौरान अपने जूते भी उतारें और हाथ भी धोएं। साथ ही आस्था में श्रद्धा के साथ भगवान खाटूश्याम की वंदना भी की।
इतना ही नहीं पायलट ने विधिवत पूजा अर्चना कर आरती भी उतारी। और फिर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।
आपकों बता दे कि कांग्रेस और भाजपा में धर्म-आस्था को लेकर हमेशा द्वंद छिड़ा हुआ रहता है। बिते दिनों राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जिस तरह से कांग्रेस नेताओं के बयान आए और मंदिर का आमंत्रण स्वीकार नहीं किया। और कोई कांग्रेसी नेता उस प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं हुए ।
अब टोंक में हुई धर्म यात्रा से पायलट ने क्या किया ? क्या पायलट ने आज इस धर्म यात्रा के सहारे खुद के राजनीतिक रथ को खेंचा या फिर भगवान खाटूश्याम की आरती उतार यह संदेश दिया कि आस्था,धर्म,मंदिर को कैसे आराध्य बनाया जाता है,कैसे उसकी विधिवत परम्पराएं है यह किसी से सिखने कि या किसी को सिखाने की जरूरत नहीं है।












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