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Rishiraj Singh Deora: तिरंगे में लिपटे शहीद ऋषिराज सिंह को अंतिम विदाई, पिता को रोते देख भर आईं सबकी आंखें

Rishiraj Singh Deora: राजस्थान के चूरू में भारतीय वायुसेना के जगुआर फाइटर जेट हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा (23) का गुरुवार शाम उनके पैतृक गांव खिवांदी (पाली) में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके छोटे भाई युवराज सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी। जैसे ही शहीद की पार्थिव देह गांव पहुंची, लोगों की आंखें नम हो गईं। पिता जसवंत सिंह लाडले को अंतिम बार देख रो पड़े।

शहीद ऋषिराज सिंह देवड़ा की अंतिम यात्रा तिरंगा यात्रा के रूप में निकाली गई। आगे-आगे भारतीय वायुसेना के जवान चल रहे थे और पीछे गांववाले भारत माता की जय और ऋषिराज अमर रहें के नारे लगाते चल रहे थे। रास्ते में छोटे बच्चे सेना की वर्दी पहनकर हाथ में तिरंगा लिए खड़े थे। उन्होंने “जब तक सूरज चांद रहेगा ऋषिराज का नाम रहेगा” के नारे लगाए।

Rishiraj Singh Deora

शहीद ऋषिराज सिंह देवड़ा की पार्थिव देह गुरुवार शाम करीब 6 बजकर 10 मिनट पर पाली जिले के गांव खिवांदी पहुंची। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए घर के आंगन में पार्थिव शरीर रखा गया। परिवारजन और आस-पास के गांवों से आए सैकड़ों लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

वायुसेना अधिकारियों ने पिता को सौंपा तिरंगा और तस्वीर

लड़ाकू विमान जगुआर के पायलट ऋषिराज सिंह देवड़ा के अंतिम संस्कार से पहले वायुसेना के कर्नल डीएस सिसोदिया और अन्य अधिकारियों ने शहीद के पिता जसवंत सिंह को तिरंगा और ऋषिराज की तस्वीर ससम्मान भेंट की। तिरंगा हाथ में लेते ही पिता भावुक हो उठे। गांव के मोक्षधाम में पूरे सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई।

जोधपुर एयरपोर्ट से शुरू हुई यात्रा

इससे पहले शहीद ऋषिराज सिंह देवड़ा की पार्थिव देह चूरू से जोधपुर एयरपोर्ट लाई गई थी। वहां केंद्रीय मंत्री व जोधपुर भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया। यहां से पार्थिव शरीर हेलिकॉप्टर से सिरोही पहुंचा और फिर सड़क मार्ग से गांव लाया गया।

परिजनों ने उठाए पुराने विमानों पर सवाल

शहीद के चाचा हितपाल सिंह ने पुराने फाइटर जेट को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नए पायलटों को इतने पुराने विमान क्यों दिए जाते हैं? “होनहार बच्चे ऐसे हादसों में चले जाते हैं, सरकार को इस पर गंभीरता से सोचना होगा।”

राजलदेसर में सर्च ऑपरेशन जारी

हादसा 9 जुलाई को चूरू के राजलदेसर इलाके में हुआ था, जिसमें पायलट लोकेंद्र सिंह सिंधु (44) और को-पायलट ऋषिराज सिंह देवड़ा शहीद हो गए थे। गुरुवार सुबह एयरफोर्स ने क्रैश साइट पर ब्लैक बॉक्स की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान ड्रोन की भी मदद ली गई। घटनास्थल के आसपास बड़ी संख्या में मलबा फैला मिला। भारतीय वायुसेना ने दुर्घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित कर दी है।

स्कूली बच्चों ने कहा- हम भी सेना में जाएंगे

शहीद की अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे सेना की वर्दी में आए। बच्चों ने हाथ में तिरंगा लेकर शहीद को सलामी दी। उन्होंने कहा— “हम भी सेना में जाने को तैयार हैं। ऋषिराज हमारे प्रेरणास्त्रोत हैं।”

गांव में हर आंख नम थी। शहीद ऋषिराज सिंह की बहादुरी और बलिदान की कहानियां लोग एक-दूसरे को सुनाते रहे। अंतिम संस्कार के समय भारत माता की जय के गगनभेदी नारे गूंजते रहे।

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