राजस्थान: 2,000-500 के नोटों से हटाई जाए महात्मा गांधी की तस्वीर, पीएम मोदी को कांग्रेस MLA ने लिखी चिट्ठी
जयपुर, 7 अक्टूबर: राजस्थान के एक कांग्रेसी विधायक को उच्च मूल्य वाले करेंसी नोट पर महात्मा गांधी की तस्वीर होना पसंद नहीं आ रहा है। उन्होंने पिछले गांधी जयंती के दिन ही 2,000-500 के नोटों से उनका चित्र हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। इस खत में उन्होंने विस्तार से वे सारे तर्क रखे हैं कि कैसे इन करेंसी नोट पर गांधी जी का चित्र लगाना उनका 'अपमान' है। उन्होंने इसकी दो बड़ी वजह बताई है। एक तो इसका इस्तेमाल 'भ्रष्टाचार' के लिए होता और दूसरा इसे लोग 'बार' में भी उपयोग में लाते हैं। क्योंकि,वहां छोटी नकदियों का कोई काम नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी तर्क दिया है कि गांधी जी गरीबों और बेसहारा के लिए जीते थे और वो सब कम मूल्य के नोटों को ही इस्तेमाल में लाते हैं।

'2,000-500 के नोटों से हटाई जाए महात्मा गांधी की तस्वीर'
राजस्थान के एक कांग्रेस विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर 500 और 2,000 रुपये के करेंसी नोट से महात्मा गांधी का चित्र हटाने की मांग की है। 152वीं गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर को उन्होंने पीएम मोदी से आग्रह किया है कि इन दोनों दोनों करेंसी नोट पर उनके चित्र के बदले में उनके प्रतिष्ठित चश्में की तस्वीर का ही इस्तेमाल किया जाए। यह चिट्ठी राजस्थान में सांगोद सीट से कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने लिखी है।

राजस्थान में भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों का दिया हवाला
दरअसल, भरत सिंह कुंदनपुर का कहना है कि 500 और 2,000 रुपये के नोट का इस्तेमाल भ्रष्टाचार और 'बार' में होता है, इसलिए उसपर से गांधी का चित्र हटा दिया जाए। इसके लिए उन्होंने राजस्थान में भ्रष्टाचार के मामलों का हवाला दिया है। अशोक गहलोत सरकार में सत्ताधारी पार्टी के विधायक का कहना है कि जनवरी 2019 से दिसंबर 2020 तक में वहां कुल 616 भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हुए हैं, जो कि औसतन रोजाना 2 केस हैं। पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में कुंदनपुर ने सलाह दी है कि '500 और 2,000 रुपये के नोटों से गांधी की तस्वीर हटा दी जानी चाहिए और इसका इस्तेमाल गरीबों की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले छोटे नोटों पर ही किया जाना चाहिए।'

सिर्फ निम्न मूल्य के नोटों पर इस्तेमाल की सलाह
सांगोद के विधायक का मानना है कि गांधी जी का चित्र सिर्फ 5 रुपये, 10 रुपये, 50 रुपये, 100 रुपये और 200 रुपये के नोट पर होना चाहिए। क्योंकि, इन करेंसियों का इस्तेमाल ज्यादातर गरीब लोग करते हैं और उन्होंने पूरी जिंदगी बेसहारा लोगों के लिए ही काम किया। कुंदनपुर ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, 'मेरा सुझाव है कि 500 और 2,000 रुपये के नोटों पर गांधी के चश्मे की तस्वीर का इस्तेमाल किया जा सकता है। अशोक चक्र भी इस उद्देश्य के लिए प्रभावी ढंग से काम कर सकता है।'

75 वर्षों में पूरे देश में फैला भ्रष्टाचार- कुंदनपुर
कांग्रेस विधायक का कहना है कि पिछले साढ़े सात दशकों में पूरे देश भ्रष्टाचार फैल गया है। उनको लगता है कि 'महात्मा गांधी सत्य के प्रतीक हैं और उनकी तस्वीर 500 और 2,000 रुपये के नोटों पर छपी है, जो आम तौर पर भ्रष्टाचार और रिश्वत के बदले में उपयोग की जाती हैं।' उनका ये भी कहना है कि 'उच्च मूल्य के नोटों का उपयोग बार में किया जाता है, जो गांधी के लिए "अपमान" है।












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