अनपढ़ मां-बाप ने मजदूरी करके बेटी को करवाई PHD, अब बेटी-दामाद एक साथ बने असिस्‍टेंट प्रोफेसर

Ramila Assistant Professor : बाड़मेर जिले के गांव बिंजा की रमिला गुजरात में असिस्‍टेंट प्रोफेसर बनी हैं। पति का भी चयन हुआ है। ऐसा करने वाली रमिला भील समुदाय की पहली महिला हैं।

बाड़मेर जिला मुख्‍यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर चौहटन इलाके में छोटा सा गांव हैं बींजासर। यहां के भानजी भाई व उनकी पत्‍नी रेखा कभी स्‍कूल नहीं गए। दोनों अनपढ़ हैं, मगर ये तालीम की ताकत बखूबी जानते थे। शायद यही वजह है कि बेटी रमिला के स्‍कूल कॉलेज की ओर बढ़ते कदम कभी नहीं रोके। उसे पढ़-लिखने का भरपूर अवसर दिया।

आदिवासी भील समाज से पहली असिस्‍टेंट प्रोफेसर

आदिवासी भील समाज से पहली असिस्‍टेंट प्रोफेसर

नतीजा ये है कि रमिला अपने गांव में आदिवासी समाज भील से असिस्‍टेंट प्रोफेसर बनने वाली पहली महिला बन गई है। सोने पर सुहागा तो ये है कि रमिला के पति जसवंत भी असिस्‍टेंट प्रोफेसर बने हैं। दोनों ने गुजरात असिस्‍टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में कामयाबी हासिल की है। बेटी की इस सफलता से पूरे परिवार व भील समुदाय का नाम रोशन हुआ है। हमारे 150 घरों वाले गांव में भीलों में असिस्‍टेंट प्रोफेसर बनने वाली रमिला पहली लड़की है।

Recommended Video

    बाड़मेर: ऐसा किया तो जाना पड़ सकता है जेल!, जानिए जरूरी खबर
    असिस्‍टेंट प्रोफेसर रमिला के पिता का इंटरव्‍यू

    असिस्‍टेंट प्रोफेसर रमिला के पिता का इंटरव्‍यू

    वन इंडिया हिंदी से बातचीत में भानजी भाई ने बताया कि वे मूलरूप से बाड़मेर जिले के गांव बींजासर के रहने वाले हैं, मगर दो दशक से गुजरात के बनासकांठा जिले में रह रहे हैं।

    दो बेटे व तीन बेटियां भी यहीं गुजरात में पले बढ़े। बड़ी बेटी रमीला तो अब 20 दिन पहले ही गुजरात कॉलेज शिक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर बनी है। छह माह पहले रमिला की शादी गुजरात के डीसा जसवंत सिंह के साथ शादी हुई। जसवंत का भी असिस्‍टेंट प्रोफेसर पद पर चयन हुआ है।

     दो दशक पहले बाड़मेर से गुजरात गए भानजी भाई

    दो दशक पहले बाड़मेर से गुजरात गए भानजी भाई

    भानजी भाई अपने गांव में मजदूरी किया करते थे। फिर घर परिवार की जिम्‍मेदारियां बढ़ती गईं तो दो दशक पहले गुजरात चले गए। वहां घरों में मार्बल फिटिंग के काम में मजदूरी करने लगे थे। वर्तमान में तो खुद का धंधा कर रखा है। पांचों बच्‍चों को मजदूरी करके व ऋण लेकर खूब पढ़ाया। सबसे बड़ी बेटी रमिला अब नौकरी लग गई है, जो उसके छोटे भाई बहनों के लिए प्रेरणा की बात है।

     पहली बार पति पत्‍नी की जोड़ी बनी असिस्‍टेंट प्रोफेसर

    पहली बार पति पत्‍नी की जोड़ी बनी असिस्‍टेंट प्रोफेसर

    भानजी भाई ने कहा कि पति जसवंत व पत्‍नी रमिला के रूप में एसटी वर्ग के आदिवासी भील समाज में यह पहली जोड़ी है, जिसका एक साथ असिस्‍टेंट प्रोफेसर पद पर चयन हुआ है। खास बात है कि जसवंत व रमिला के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। दोनों ने मुश्किल हालात में पढ़ाई करके कामयाबी हासिल की है।

     बेटी को करवाई पीएचडी

    बेटी को करवाई पीएचडी

    बेटी रमिला की पढाई के चलते खुद भानजी भाई दो साल तक गांधीनगर में रहे। रमिला ने बीकॉम, एमकॉम के बाद पीएचडी की है।

    पांच साल पहले रमिला की सगाई जसवंत के साथ की थी। छह माह पहले ही दोनों की शादी की गई है। जसवंत ने नीट क्लियर करने से पहले एम फिल की। पीएचईडी अभी चल रही है।

    पति पत्‍नी को मिली नियुक्ति

    पूरे गुजरात में पति पत्‍नी की जोड़ी के असिस्‍टेंट प्रोफेसर बनने की खूब चर्चा हो रही है। रमिला को असिस्टेंट प्रोफेसर पीजी कॉलेज पाटन व जसवंत को असिस्टेंट प्रोफेसर पीजी कॉलेज राधनपुर में नियुक्ति मिली है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+