Shaheed Jaisalmer: तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा जांबाज नायक राजेन्द्र सिंह, 3 साल पहले हुई थी शादी
कल तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचेगा जांबाज नायक राजेन्द्र सिंह
जैसलमेर। जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन त्रिशक्ति' में राजस्थान के जैसलमेर के मोहनगढ़ के जांबाज नायक राजेन्द्र सिंह शहीद हो गए हैं। उनकी पार्थिव देह सोमवार को तिरंगे में लिपटर घर पहुंची, जहां राजकीय सम्मान से उनको विदाई दी गई।

शहीद राजेन्द्र सिंह के गांव में सन्नाटा
इधर, मोहनगढ़ बहादुर फौजी बेटे राजेन्द्र सिंह की शहादत की सूचना पर सन्नाटा पसर गया। बाजार बंद रहे। घरों में चूल्हे तक नहीं जले और हर कोई शहीद के परिवार को ढांढ़स बंधाने पहुंचा। बता दें कि शहीद राजेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर बाद सेना के विमान से जोधपुर पहुंचेगा। इसके बाद यहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से गांव मोहनगढ़ लाया जाएगा। राजेन्द्र सिंह की तीन साल पहले जैसलमेर की जमना कंवर के साथ हुई थी। इनके दो साल का बेटा है।

ऑपरेशन त्रिशक्ति में शहीद हुए राजेन्द्र सिंह
गौरतलब है कि मोहनगढ़ के राजेन्द्र सिंह इन दिनों जम्मू कश्मीर में तैनात थे। यहां पर सुरक्षा बलों की ओर से रामबन जिले के बटोत में करीब 10 घंटे तक ‘ऑपरेशन त्रिशक्ति' चलाया गया, जिसमें राजेन्द्र सिंह शहीद हो गए। साथ ही सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को भी मार गिराया है।

तीन भाइयों में सबसे बड़े थे शहीद राजेन्द्र सिंह
शहीद के पिता सांवलसिंह सत्ता भी सेना में सेवाएं दे चुके थे। परिवार में दो छोटे भाई, पत्नी व दो वर्षीय बेटा है। ग्रामीणों के अनुसार पिता के निधन के बाद उनके बड़े बेटे राजेन्द्रसिंह ने ही कंधों पर परिवार के भरण पोषण का जिम्मा संभाला था। दोनों भाइयों को अपने पैरों पर खड़ा कर उनके विवाह की जिम्मेदारी भी उन्होंने निभाई।












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