राजस्थान के अलवर सांसद भूपेंद्र यादव की मोदी कैबिनेट 3.0 में एंट्री, बन सकते कैबिनेट मंत्री
PM Modi Oath Ceremony: नरेंद्र मोदी सरकार 3.0 का शपथ ग्रहण समारोह अगले कुछ घंटों बाद होना है। ऐसे में चर्चाएं हो रही है कि राजस्थान से वो कौन से भाजपा सांसद है जिन्हे कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
अब आपकों बता दे कि अलवर से जीत सांसद निर्वाचित हुए भूपेंद्र सिंह यादव भी मोदी कैबिनेट 3.0 का हिस्सा बन सकते है। चर्चा है कि भूपेंद्र यादव को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।

क्योंकि जिन सांसदों को मंत्री बनाया जाना है उनकों शपथ ग्रहण से पहले मोदी ने चाय पार्टी में बुलावा भेजा था। राजस्थान से अर्जून राम मेघवाल, गजेंद्र सिंह शेखावत और भागीरथ चौधरी के साथ भूपेंद्र यादव भी उस चाय पार्टी में मौजूद थे।
आपकों बता दे भूपेंद्र यादव को जब बीजेपी ने यादव बाहुल्य अलवर लोकसभा का प्रत्याशी बनाया गया था तब उनके समर्थकों ने मतदाताओं में यही मैसेज दिया था कि यदि वे जीतकर लोकसभा पहुंचते हैं तो मोदी सरकार में बड़ा पद लेंगे और इसका सीधा फायदा उनकी लोकसभा सीट अलवर को भी मिलेगा।
भूपेंद्र यादव मूल रूप से गुरुग्राम जिले के गांव जमालपुर के रहने वाले हैं। वे राजस्थान से राज्यसभा में दो बार पहुंच चुके हैं।
यादव के पिता कदम सिंह यादव रेलवे में नौकरी करते थे। वे कई वर्षों तक अजमेर में पदस्थ रहे। इसके चलते उनका पूरा परिवार राजस्थान के अजमेर ही वर्षों तक रहा।
भूपेंद्र यादव ने स्कूल से लेकर कालेज तक की शिक्षा राजस्थान में ही ग्रहण की। 1993 में सेवानिवृत्ति के बाद परिवार पैतृक गांव में रहने लगा।
भूपेंद्र स्कूल में पढ़ाई करने के साथ ही संघ से जुड़े रहे। संघ के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। कालेज में आने के बाद छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए थे। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह धीरे-धीरे भाजपा की राजनीति में सक्रिय होने लगे थे। कई वर्षों तक अधिवक्ता परिषद में काम किया। फिर भाजपा के राष्ट्रीय बने। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहे।
पिछले कुछ वर्षों के दौरान भूपेंद्र यादव की पहचान भाजपा के गिने चुने रणनीतिकारों में हो चुकी है। संगठन में उनके पास राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी रही है। वह बिहार जैसे राज्य के प्रभारी भी रह चुके हैं। बिहार में पार्टी की सत्ता वापसी में उनकी विशेष भूमिका मानी गई थी।
सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी के नए मंत्रिमंडल में दो से तीन सांसदों को जगह मिल सकती है। इनमें कुछ नए चेहरे भी शामिल हो सकते हैं। वही पिछले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ,भूपेंद्र यादव और अर्जुन राम मेघवाल को रिपीट किया जा सकता है।
राजस्थान में नए चेहरों की बात करें तो ब्राह्मण समाज से सीपी जोशी, राजपूत समाज से राव राजेंद्र सिंह, पाली लोकसभा सीट से पीपी चौधरी का नाम भी काफी चर्चा में है।
इस बीच लगातार पांच बार सांसद बन चुके और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह के भी केंद्रीय मंत्री बनने की लॉटरी लग सकती है। इसके अलावा पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी इस दौड़ में बने हुए हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी की फितरत सदा से ही अपने फैसलों से चौकाने की रही है। लिहाजा, राजस्थान से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने को लेकर भले ही कुछ नामों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन पीएम मोदी इस बार मंत्रिमंडल के सदस्यों को लेकर कोई चौंकाने वाला फैसला भी कर सकते हैं।












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