Jhunjhunu Shaheed: राजस्‍थान के 2 फौजी दोस्‍तों की कहानी, साथ सेना में भर्ती हुए, साथ ही शहीद होकर लौटे

Ajay Singh Naruka Bijendra Singh Daurata: बहादुरी और देश‍भक्ति के जज्‍बे वाली यह कहानी उन दो फौजी दोस्‍तों अजय सिंह नरूका और बिजेंद्र सिंह दौराता की है, जो शहादत तक भी दोस्‍त निभा गए।

जम्‍मू कश्‍मीर के डोडा से 55 किलोमीटर दूर डेसा के जंगल में धोरे गोटे इलाके में 15 जुलाई 2024 की रात को आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए कैप्‍टन समेत चार जवानों में दो राजस्‍थान के झुंझुनूं जिले से थे।

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Ajay Singh Naruka Bijendra Singh Daurata

शहीद अजय सिंह नरूका झुंझुनूं जिले की बुहाना तहसील के गांव भैसावत कलां और शहीद बिजेंद्र सिंह दौराता झुंझुनूं जिले के गांव डूमोली खुर्द की ढाणी खुबा के रहने वाले थे। बुधवार सुबह दोनों की पार्थिव देह जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंची। वहां से उनके गांवों के लिए रवाना की गई।

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पार्थिव देह लेकर आए 44 RR (राष्ट्रीय राइफल्स) में तैनात रींगस के रहने वाले राहुल शर्मा ने मीडिया से बताया कि अजय सिंह नरूका और बिजेंद्र सिंह दौराता में गहरी दोस्‍ती थी। दोनों एक साथ सेना में भर्ती हुए थे। साथ ही ट्रेनिंग की थी। ट्रेनिंग के दौरान एक साथ ही खाना खाते थे और एक ही जगह सोते थे।

शहीद अजय नरूका और बिजेंद्र दौराता ने एक साथ भारतीय सेना ज्‍वाइन की थी। दोनों ही वर्तमान में एक साथ एक ही जगह पर राष्‍ट्रीय रायफल्‍स में जम्‍मू कश्‍मीर के डोडा में तैनात थे। दोनों एक साथ वीरगति को प्राप्‍त हो गए और आज 17 जुलाई को दोनों अपने-अपने गांवों में एक साथ अंतिम संस्‍कार होगा।

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ऐसे शहीद हुए थे अजय सिंह व बिजेंद्र सिंह

जम्‍मू कश्‍मीर में डेसा के जंगलों में तीन आतंकियों के होने की सूचना मिली थी। सोमवार शाम को सेना के जवानों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।

आतंकियों से पहली मुठभेड़ शाम साढ़े सात बजे हुई, जिसमें जवानों की गोलाबारी के बाद आतंकी भाग गए थे।

15 जुलाई 2024 की रात नौ बजे सेना के जवान फिर से सर्च कर रहे थे। तभी आतंकियों ने छिपकर गोलाबारी शुरू कर दी। कैप्‍टन ब्रजेश थापा समेत 4 जवान शहीद हो गए।

18 जुलाई को घर आने वाले थे अजय सिंह

परिजनों के अनुसार अजय सिंह नरूका दो माह पहले ही छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। अब वो फिर से 18 जुलाई को छुट्टी पर घर आने वाले थे, मगर तीन पहले ही शहीद हो गए और अब उनकी पार्थिव देह 17 जुलाई को घर पहुंची है।

शहीद अजय सिंह नरूका के पिता कमल सिंह नरूका भी भारतीय सेना से 2015 में रिटायर हुए है। अजय सिंह पहले इनके चाचा और मामा भी देशसेवा करते शहीद हो चुके हैं। ये अपने परिवार से तीसरे शहीद हैं। अजय सिंह की शादी शालू कंवर के साथ हुई है।

पांच दिन पहले आना था घर

शहीद बिजेंद्र सिंह दारौता की कहानी भी अजय सिंह नरूका से मिलती जुलती है। बिजेंद्र सिंह की छुट्टी मंजूर हो गई थी। इनको शहदात से पांच दिन पहले घर आना था, मगर जम्‍मू कश्‍मीर में आतंकी हमलों की वजह से बिजेंद्र सिंह की छुट्टी कैंसल हो गई थी। इस बीच वे शहीद हो गए। बिजेंद्र सिंह के दो बेटे हैं।

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