Rajasthan School News: प्रदेश के सरकारी स्कूलों पर आई रिपोर्ट ने मचाया हड़कंप, सामने आए डरावने तथ्य
Rajasthan School News: राजस्थान के झालावाड़ में सरकारी स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद हाई कोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को स्कूलों के इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं को लेकर डिटेल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। अब जो रिपोर्ट सामने आई है उससे सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहद चिंताजनक लग रही है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कार्यालय की ओर से रिपोर्ट जारी की गई है।
प्रदेश सरकार की ओर से जारी सर्वे के मुताबिक, राज्य के स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर की हालत दयनीय है। राज्यव्यापी निरीक्षण में कुल 3,768 स्कूल, 83,783 कक्षाएं और 16,765 शौचालय पूरी तरह जर्जर या उपयोग के लायक नहीं पाए गए हैं।

Rajasthan School News: सरकारी रिपोर्ट में स्कूलों की तस्वीर हुई साफ
- प्रदेश में करीब 65,000 सरकारी स्कूल संचालित हैं, जिनमें से एक बड़ी संख्या तुरंत मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग कर रही है।
- शिक्षा विभाग के अनुसार राजस्थान में 2,19,902 कक्षाएं और 29,753 शौचालय ऐसे हैं जिन्हें आंशिक या तत्काल तौर पर पूरी तरह से रिपेयर की जरूरत है।
- इन चिंताजनक हालातों को देखते हुए राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है। सरकार को स्कूल भवनों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए स्पष्ट और डेडलाइन के साथ रोडमैप पेश करने के लिए कहा गया है।
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Rajasthan News: शिक्षा मंत्री ने विधायकों से की खास अपील
बता दें कि इसी साल झालावाड़ में हुए स्कूल भवन हादसे के बाद सरकार पर दबाव और भी बढ़ गया है। इस बीच शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सभी विधायकों को पत्र लिखकर अपील की है कि वे अपने MLA Fund का 20% हिस्सा सरकारी स्कूलों की मरम्मत में लगाएं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले ही 'विधायक शिक्षा का साथी योजना' का ऐलान कर चुके हैं। इसके तहत यह प्रावधान किया गया है कि हर साल विधायक कोष का 20 प्रतिशत हिस्सा स्कूलों के निर्माण और सुधार के लिए अनिवार्य रूप से खर्च किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि यदि विधायक स्तर पर यह योगदान बढ़ता है, तो हजारों जर्जर कक्षाओं और भवनों का पुनर्निर्माण तेजी से संभव हो सकेगा। अब शिक्षा विभाग, सरकार और जनप्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे बच्चों के लिए सुरक्षित और मजबूत स्कूल भवन उपलब्ध कराएं। हाई कोर्ट ने भी शिक्षा की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
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