Rajasthan School News: शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, स्कूली बच्चे बनाएंगे राजस्थान की सड़कों को सुरक्षित
Rajasthan School News: राजस्थान के जयपुर समेत दूसरे जिलों में सड़क दुर्घटनाओं के लगातार बढ़ते मामलों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों में तेज रफ्तार वाहन चलाने, बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने और नाबालिगों के ड्राइविंग के कई मामले सामने आए हैं। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हादसों की बड़ी वजह बन रही है। इसी स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूल स्तर पर बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है।
शिक्षा निदेशक की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी विद्यालयों में 'सड़क सुरक्षा क्लब' का गठन किया जाएगा। इन क्लबों का उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र से ही यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। नागरिकों को सड़क सुरक्षा के लिए जागरुक करने और जिम्मेदार नागरिक बनने की समझ विकसित करने के उद्देश्य से यह बदलाव किया जा रहा है।

Rajasthan School News: सड़क सुरक्षा के लिए स्कूलों में बनाए जाएंगे क्लब
- सड़क सुरक्षा क्लब के माध्यम से स्कूलों में रैली, कार्यशालाएं, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- इन गतिविधियों में न सिर्फ छात्र-छात्राएं, बल्कि आम नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा ताकि सड़क सुरक्षा का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचे।
- निर्देशों में बाल वाहिनी (स्कूल वाहन) नियमों के सख्त पालन पर विशेष जोर दिया गया है। स्कूल बसों और अन्य वाहनों की फिटनेस, तय गति सीमा, चालक की योग्यता और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन को इन नियमों की निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
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Rajasthan School News: स्कूलों में ट्रैफिक वर्कशॉप होंगे आयोजित
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए भी सड़क सुरक्षा से जुड़ी वर्कशॉप आयोजित करने का निर्देश दिया है। विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित व्यवहार के बारे में सही मार्गदर्शन मिले, इसके लिए स्कूलों में कार्यशालाएं लगाने समेत दूसरी एक्टिविटी कराई जाएंगी। सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य किया गया है, जो विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और स्कूल स्टाफ पर भी लागू होगा।
अभिभावकों को भी भी अपने नाबालिग बच्चों को गाड़ी और बाइक वगैरह नहीं देने के लिए जागरुकता कैंपेन चलाने का निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग के सर्कुलर के मुताबिक, ट्रैफिक सुरक्षा नियमों के पालन के लिए आम लोगों में जागरुकता सड़क हादसों की संख्या नियंत्रित कर सकता है।
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