Rajasthan Elections 2023: राजस्थान में भाजपा बाबा-महंतों के भरोसे, फकीर लगाएंगे कांग्रेस की नैया पार!
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में 200 में से भाजपा ने 184 व कांग्रेस ने 156 पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। भाजपा-कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची जारी होने के साथ-साथ राजस्थान चुनाव की 'धार्मिक रंगत' भी बढ़ती जा रही है। भाजपा ने अलवर सांसद महंत बाबा बालकनाथ को तिजारा सीट, हाथोज धाम के महंत बाल मुकुंदाचार्य को जयपुर शहर की हवामहल सीट और तारातरा मठ के महंत प्रतापपुरी को पोकरण से टिकट दिया है।
बाल मुकुंदाचार्य की जीवनी व हवामहल सीट के समीकरण
भाजपा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में कई दिग्गजों के टिकट काटकर चारदीवारी क्षेत्र की सीट हवामहल से बाल मुकुंदाचार्य को चुनावी मैदान में उतारा है। हवामहल सीट से ही कांग्रेस के महेश जोशी ने पिछली बार चुनाव लड़ा था और अशोक गहलोत सरकार में महेश जोशी मंत्री भी रहे। इस बार महेश जोशी को अभी तक टिकट नहीं मिला। हवामहल विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक सुरेंद्र पारीक, पूर्व डिप्टी मेयर मनीष पारीक और पूर्व वरिष्ठ नेता भंवरलाल शर्मा की बेटी भाजपा से दावेदारी जता रहे थे।

हवामहल सीट पर प्रत्याशी
जयपुर की हवामहल सीट से बीजेपी की ओर से बाल मुकुंदाचार्य को उतारने पर यहां मुकाबला और भी रोचक हो गया है। इस सीट से असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM पार्टी ने जमील खान को प्रत्याशी बनाया है। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पप्पू कुरैशी का नाम है। ऐसे में दोनों ही प्रत्याशी मुस्लिम वोट काट सकते हैं। हालाकि कांग्रेस ने फिलहाल हवामहल सीट से किसी को भी अपना उम्मीदवार नहीं बनाया है।
रोचक तथ्य यह भी है कि हवामहल विधानसभा सीट को मुस्लिम बाहुल्य सीट माना जाता है। यहां पर तकरीबन 90 हजार से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं। इस सीट पर आज तक कोई भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं जीता है, लेकिन यहां बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाता रहते और व्यवसाय करते हैं। हवामहल सीट पर हिंदू वो भी ब्रह्मण जाति का कब्ज़ा रहा है।
हवामहल सीट का इतिहास अगर पिछले 20 सालों का देखा जाए तो यहां एक बार कांग्रेस एक बार भाजपा जीतती आई है। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में महेश जोशी ने बीजेपी के सुरेंद्र पारीक 9 हजार से ज्यादा वोटों से शिकस्त दी थी। महेश जोशी मौजूदा वक्त में गहलोत कैबिनेट में मंत्री हैं।
सबसे दिलचस्प मुकाबला साल 2008 में देखने को मिला था। जिसमें कांग्रेस के ब्रजकिशोर शर्मा ने 580 वोटों से चुनाव जीता था और बाद में गहलोत सरकार में मंत्री भी बने। उन्होंने भाजपा की मंजू शर्मा को हराया था। ब्रजकिशोर शर्मा के खाते में 44926 जबकि मंजू शर्मा के खाते में सिर्फ 44346 वोट पड़े थे।
बाल मुकुंदाचार्य ऐसे आए चर्चा में
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की गहमा-गहमी के बीच जयपुर के हाथोज धाम के महंत महामंडलेश्वर बाल मुकुंदाचार्य को नोटिस देकर छह माह के लिए पाबंद किया गया था। पिछले दिनों इस मामले ने तूल पकड़ लिया था। दरअसल, जयपुर के रामगंज में एक मारपीट में मुस्लिम सजाम के एक लड़के की हत्या हो गई थी, जिसमें झगड़ा हिन्दू मुस्लिम विवाद तक पहुंच गया। इसी मामले में महामंडलेश्वर बाल मुकुंदाचार्य ने मंच से हिन्दूत्व को लेकर भाषण दिया था। जिसपर पुलिस ने उन्हें पाबंद भी किया था।
परमाणु नगरी में'फकीर' के सामने महंत
जैसलमेर जिले में परमाणु नगरी के रूप में विख्यात पोकरण विधानसभा सीट पर इस समय परमाणु परीक्षण से ज्यादा चुनावी परीक्षण की चर्चा हो रही है। यहां बीजेपी ने महंत प्रतापपुरी को दोबारा मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने पोकरण विधानसभा क्षेत्र से अपने मौजूदा विधायक और गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद को एक बार फिर टिकट दिया है। पिछले दो विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी यहां काफी करीबी मुकाबला होने की उम्मीद है। सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने इस सीट पर कोई नया परिवर्तन नहीं किया है। दोनों पार्टियों ने अपने पुराने चेहरे पर ही दांव लगाया है।
तारातरा मठ के महंत हैं प्रतापपुरी, फकीर के बेटे हैं सालेह
परमाण विधानसभा चुनाव 2023 का मुकाबला पिछली बार की तरह दिलचस्प होगा। क्योंकि कांग्रेस के प्रत्याशी सालेह मोहम्मद एक मुस्लिम धर्मगुरु के बेटे हैं। उनके पिता गाजी फकीर के सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। वहीं, बीजेपी उम्मीदवार महंत प्रतापपुरी तारातरा मठ के महंत हैं। महंत प्रतापपुरी के समर्थक उनकी तुलना यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करते हैं। उन्हें बाड़मेर का योगी भी कहा जाता है।
872 वोट से जीते थे सालेह मोहम्मद
पोकरण विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। तब से अब तक पिछले तीन चुनाव में दो बार कांग्रेस ने जीत हासिल की है और एक बार बीजेपी ने। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस के शाले मोहम्मद और बीजेपी के महंत प्रतापपुरी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। सालेह मोहम्मद 872 वोटों के अंतर से जीत गए थे। सालेह मोहम्मद को कुल 82964 मत मिले, जबकि उनके मुकाबले में प्रतापपुरी को 82094 वोट मिले थे।












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