Rajasthan Chunav 2023: पीएम मोदी ने खेला 'पायलट कार्ड' तो गुर्जरों ने गिनाई BJP के हाथों हुईं 72 मौतें
PM Modi Vs Gurjar in Rajasthan 2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान विधानसभा चुनाव की रैली में कांग्रेस परिवार पर सचिन पायलट व उनके पिता राजेश पायलट को 'सजा' देने का बयान दिया तो टोंक में पीएम मोदी से गुस्सा हैं
Gurjar in Rajasthan Election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के अंतिम दौर के प्रचार में पीएम नरेंद्र मोदी ने 'पायलट कार्ड' खेलकर नई बहस छेड़ दी। गुर्जरों की पूरी राजनीति को गरमा दिया। पीएम मोदी ने भीलवाड़ा की चुनावी रैली में कहा था कि दिवंगत गुर्जर नेता राजेश पायलट व उनके बेटे सचिन पायलट को कांग्रेस गांधी परिवार के सामने बोलने की सजा दे रही है।
बता दें कि राजेश पायलट राजस्थान के गुर्जरों के दिलों में बसते हैं और राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सचिन पायलट गुर्जरों के दिमाग में हैं। पीएम मोदी के 'पायलट कार्ड' खेलने के बाद सवाल उठ खड़ा हुआ है कि गुर्जर किसका साथ देंगे? रिवाज बदलकर फिर से राज करने को बेताब कांग्रेस, सीएम इन वेटिंग सचिन पायलट या फिर मौजूदा सीएम अशोक गहलोत का।

पीएम मोदी के पायलट कार्ड खेले जाने से राजस्थान के गुर्जरों पर क्या असर पड़ा है? इसकी एक बानगी टोंक विधानसभा क्षेत्र के गुर्जरों से बातचीत में देखने को मिली है। टोंक से ही विधायक सचिन पायलट एक बार चुनाव मैदान में हैं। यहां के गुर्जर भाजपा व पीएम मोदी से खफा नजर आ रहे हैं। क्या ऐसी ही नाराजगी गुर्जरों में प्रदेश की अन्य सीटों पर भी है? इसका जवाब 3 दिसंबर को मतगणना से मिलेगा।
फिलहाल मीडिया से बातचीत में टोंक विधानसभा क्षेत्र के गुर्जरों ने पीएम मोदी के 'पायलट कार्ड' के बदले गुर्जरों की 72 मौतें गिनवाई है। ये गुर्जर समाज के उन लोगों की मौतें हैं, जो गुर्जर आरक्षण आंदोलन में उस समय हुई जब राजस्थान में भाजपा का राज था।
टोंक सीट के गुर्जरों ने कहा कि वे राजस्थान चुनाव में पूरी तरह से सचिन पायलट के साथ हैं। पीएम मोदी ने राजेश पायलट व सचिन पायलट को लेकर जो बयान दिया है, वो निराधार है। उस बयान का कोई औचित्य नहीं है।
टोंक में गुर्जर पीएम मोदी से नाखुश नजर आ रहे हैं। ये कहते हैं कि राजस्थान में भाजपा ने 72 निहत्थे गुर्जरों को शहीद कर दिया। राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा का दोहरा चरित्र सामने आया है। भाजपा तो खुद विजय सिंह बैंसला को चुनाव लड़वा रही है।
गुर्जर समाज के एक अन्य व्यक्ति कहते नजर आए कि राजस्थान में गुर्जरों को जो आरक्षण मिला है, वो कांग्रेस सरकार ने दिया है। भाजपा ने तो गुर्जर समाज के 72 लोगों को गोली से मरवा दिया था। हमें राजस्थान में जो 5 प्रतिशत आरक्षण मिला वो कांग्रेस, सचिन पायलट व अशोक गहलोत की देन है।
राजस्थान में गुर्जरों का कितना प्रभाव?
बता दें कि राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, जयपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, अजमेर व झुंझुनूं जिले में गुर्जरों का खासा प्रभाव है। राजस्थान विधानसभा 2018 में कांग्रेस सात व बसपा से एक गुर्जर प्रत्याशी जीतकर विधानसभा पहुंचा। भाजपा से एक भी गुर्जर उम्मीदवार नहीं जीता।
गुर्जरों में वर्चस्व बढ़ाने की लड़ाई
साल 2018 में कांग्रेस जीती तो तत्कालीन पीसीसी चीफ व गुर्जर समाज से आने वाले सचिन पायलट को सीएम बनाने की मांग उठी। सीएम की बजाय डिप्टी सीएम बनाए जाने पर गुर्जर समाज कांग्रेस से नाराज हो गया और सचिन पायलट के साथ रहा। इसके बाद से सीएम अशोक गहलोत व भाजपा ने गुर्जरों में वर्चस्व बढ़ाने की कोशिश की।
देवनारायण जयंती पर सार्वजनिक अवकाश
साल 2023 के चुनाव से पहले पीएम मोदी तो गुर्जर समाज के लोक देवता भगवान देवनारायण के 1111वें अवतरण महोत्सव में भीलवाड़ा आए जबकि सीएम अशोक गहलोत ने देवनारायण जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर गुर्जरों में पैठ बनाने का प्रयास किया।
राजस्थान चुनाव 2023 में कितने गुर्जरों को टिकट?
साल 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस दोनों ने ही गुर्जर वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। गुर्जरों के प्रभाव वाले इलाकों में इस बार कांग्रेस ने 11 और भाजपा ने 10 गुर्जर नेताओं को टिकट दिए हैं। अब देखने वाली बात यह है कि गुर्जर राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा?












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