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Rajasthan Day: राजस्‍थान की स्‍थापना कब-किसने की? बड़ी रोचक है 76 साल पहले की कहानी

Rajasthan Diwas History in Hindi: राजस्‍थान मतलब राजाओं का स्‍थान। राजस्‍थान माने आन-बान-शान, शौर्य, त्याग, वीरता एवं बलिदान की धरती। राजस्‍थान बोले तो भारत में क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा राज्‍य। 30 मार्च 2025 को राजस्‍थान 76 साल का हो जाएगा। Rajasthan Foundation Day के मौके पर 25 मार्च से 31 मार्च तक विभिन्‍न शहरों में विशेष कार्यक्रम हो रहे हैं।

Rajasthan Sthapna Diwas: राजस्‍थान स्‍थापना दिवस की 76वीं वर्षगांठ के मौके पर आइए जानते हैं राजस्‍थान दिवस की पूरी कहानी। राजस्‍थान की स्‍थापना कैसे हुई? राजा-महाराजाओं को राजस्‍थान निर्माण के लिए कैसे एकजुट किया गया? किस देसी रियासत का राजस्‍थान में विलय कब किया गया? 30 मार्च 1949 (चैत्र शुक्‍ल प्रतिपदा, विक्रम संवत 2006) को राजस्‍थान का वर्तमान स्‍वरूप अस्तित्‍व में कैसे आया?

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Rajasthan Day Story: राजस्‍थान दिवस की कहानी

1. रियासतों वाले राज्‍य से राजस्‍थान बनने की शुरुआत

राजस्‍थान की स्‍थापना की कहानी आजादी के समय में 3 जून 1947 से शुरू होती है। उस वक्‍त भारत के विभाजन की घोषणा हुई थी। तब भारतीय स्‍वतंत्रता अधिनियम 1947 के 8वें अनुच्‍छेद में यह प्रावधान किया गया था कि देशी रियासतें स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत या पाकिस्तान में से किसी भी देश के साथ मिल सकती हैं। उस समय राजस्थान 19 देशी रियासतों और तीन ठिकानों में बंटा हुआ था, जो राजा-महाराजाओं के राज में हर रियासत को अपने भविष्य का फैसला खुद करना था।

2. राजस्‍थान की रियासतों का एक साथ होना

भारत विभाजन के बाद 5 जुलाई 1947 को देश में रियासत सचिवालय की स्थापना की गई। इसके अध्यक्ष के रूप में सरदार वल्‍लभ भाई पटेल और सचिव के रूप में वीपी मेनन को नियुक्त किया गया। इन दोनों ने राजस्‍थान के साथ-साथ देशभर की रियासतों के सामने दो प्रमुख शर्तें रखी थीं, यदि रियासतें भारत में विलय करना चाहती थीं।

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  • जनसंख्‍या दस लाख से अधिक हो।
  • वार्षिक आय एक करोड़ रुपये से अधिक हो।

3. बड़ी रियासतों का राजस्‍थान विलय

राजस्‍थान की 19 रियासतों और तीन ठिकानों में से केवल चार रियासतें - जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर - इन दोनों शर्तों को पूरा कर रही थीं। 15 अगस्‍त 1947 को भारत को आजादी मिली, और रियासतों के विलय का सिलसिला शुरू हो गया। डूंगरपुर, जोधपुर, अलवर और भरतपुर जैसी रियासतें आजाद रहने का निर्णय ले रही थीं, लेकिन बीकानेर, कोटा और उदयपुर जैसी बड़ी रियासतों ने भारत के साथ विलय करने का फैसला लिया।

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4. राजस्‍थान एकीकरण का सफर सात चरणों में

आजादी के बाद भी राजस्‍थान रियासतों में बंटा हुआ था। रियासतों का एकीकरण एक लंबी प्रक्रिया थी। 1948 से 1956 तक इस एकीकरण का काम सात चरणों में हुआ। यह प्रक्रिया कई सालों तक चली और अंततः 30 मार्च 1949 को एक नया राज्य अस्तित्व में आया। इस दिन को हम राजस्‍थान दिवस के रूप में मनाते हैं।

5. राजस्थान का गठन

राजस्‍थान के एकीकरण में कुल आठ साल, सात महीने और चौदह दिन का समय लगा। यह एकीकरण सात चरणों में पूरा हुआ - मत्स्य संघ, राजस्थान संघ, संयुक्त राजस्थान, वृहत राजस्थान, संयुक्त वृहत राजस्थान, वर्तमान राजस्थान और राजस्थान पुनर्गठन। इस प्रक्रिया में 19 रियासतों और तीन ठिकानों को मिलाकर अंततः राजस्‍थान का गठन हुआ।

समूह का नाम रियासतें एकीकरण की तिथि
1
मत्स्य संघ
अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली
17-03-1948
2
राजस्थान संघ
बांसवाड़ा, बूंदी, डूंगरपुर, झालावाड़, किशनगढ़, कोटा, प्रतापगढ़, शाहपुरा, टोंक।
25-03-1948
3
संयुक्त राज्य राजस्थान
उदयपुर भी राजस्थान के अन्य संघ में शामिल हो गया।
18-04-1948
4
वृहद राजस्थान
बीकानेर, जयपुर, जैसलमेर और जोधपुर भी संयुक्त राजस्थान राज्य में शामिल हो गये।
30-03-1949
5
संयुक्त वृहद राजस्थान
मत्स्य संघ का भी वृहद राजस्थान में विलय हो गया
15-05-1949
6
संयुक्त राजस्थान
संयुक्त राजस्थान की 18 रियासतें सिरोही रियासत में विलय हो गईं, सिवाय आबू और देलवाड़ा के।
26-01-1950
7
पुनर्गठित राजस्थान
राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत तत्कालीन भाग 'सी' राज्य अजमेर, आबू रोड तालुका, रियासत सिरोही का पूर्व भाग जो कि पूर्व बम्बई राज्य में विलीन हो गया था तथा पूर्व मध्यभारत का सुनेल टप्पा क्षेत्र राजस्थान में विलीन कर दिया गया तथा झालावाड़ जिले का सिरोंज उपजिला मध्य प्रदेश में स्थानांतरित कर दिया गया।
01-11-1956

Rajasthan Day 2025 Program: राजस्‍थान दिवस 2025 कार्यक्रम

राजस्‍थान दिवस के मौके पर 25 मार्च से 31 मार्च तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यहां कार्यक्रमों का विवरण है।

25 मार्च - बाड़मेर

  • महिला सम्मेलन आयोजित।
  • लाड़ो प्रोत्साहन योजना के तहत 7.50 करोड़ रुपये की डीबीटी राशि हस्तांतरित।
  • महिला समूहों को 100 करोड़ रुपये की सीआईएफ राशि।
  • 3,000 महिलाओं को इंडक्शन कुक टॉप और 5,000 छात्राओं को कालीबाई भील योजना के तहत स्कूटी प्रदान की।

26 मार्च - बीकानेर

  • किसान सम्मेलन में एफपीओ मेले का उद्घाटन।
  • इस दौरान 30,000 किसानों को 137 करोड़ रुपये का अनुदान हस्तांतरित।

27 मार्च - भरतपुर

  • अंत्योदय कल्याण समारोह आयोजित होगा।
  • 100 नए पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
  • दिव्यांगजनों को असिस्टिव डिवाइस दिए जाएंगे।
  • 91,000 निर्माण श्रमिकों को 100 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया जाएगा।
  • ई-वर्क पोर्टल की लॉन्चिंग होगी।
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28 मार्च - भीलवाड़ा

  • विकास एवं सुशासन उत्सव आयोजित किया जाएगा।
  • इस अवसर पर राजस्थान सर्कुलर इकोनॉमी इंसेंटिव स्कीम, हरित अरावली विकास परियोजना, और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का समय बढ़ाने जैसे फैसले लिए जाएंगे।

29 मार्च - कोटा

  • युवा एवं रोजगार उत्सव होगा, जहां 7,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
  • इस मौके पर नई रोजगार नीति, स्किल नीति, और अटल ज्ञान केंद्र के दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
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30 मार्च - जयपुर (अल्बर्ट हॉल)

  • भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जिसमें राजस्थान के लोक कलाकारों द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

31 मार्च - जयपुर

  • राइजिंग राजस्थान कार्यक्रम के तहत 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रोजेक्ट्स की ग्राउंड ब्रेकिंग होगी।
  • इसके अलावा, लॉजिस्टिक, डेटा सेंटर और टेक्सटाइल पॉलिसी का विमोचन किया जाएगा।

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